ताक – झांक

Location: Garhwa फिर आ गई सरकार आपके द्वारा अब सारी समस्या छूमंतर हो जाएगा क्योंकि तीसरी बार सरकार आपके द्वारा पहुंच रही है. पूर्व के दो बार के सरकार आपके…

ताक–झांक

Location: Garhwa मैं भी हूं दावेदार चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आते जा रही है, नेताओं कार्यकर्ताओं की चुनाव लड़ने की महत्वकांक्षा वैसे-वैसे कुलाचे मारने लगी है अब तो टिकट…

ताक– झांक

Location: Garhwa डंडा पढ़ते हैं भाजपाई रेस रांची के जनाक्रोश रैली में हेमंत सोरेन की सरकार ने लाठी नहीं चलवाई, बल्की भाजपाई नेता एवं कार्यकर्ता पर फूल बरसाकर जोश भर…

तक–झांक

Location: Garhwa अपनों से घिरते जा रहे हैं नेताजी जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आते जा रहा है नेताजी की मुश्किल बढ़ते जा रही है. जिला संगठन के विस्मेंतार में…

ताक-झांक

Location: Garhwa नेताजी असमंजस में नेताजी असमंजस में है.असमंजस के पीछे कुलाधिपती पुत्र को विधायक बनाने की चाहत है. इक्षा तो विरासत सौपने की है. पर पार्टी पत्ता खोल तब…

ताक-झांक

Location: Garhwa विरासत की जगहंसाई कमाल है भाई पहले गिरिनाथ फिर सत्येंद्रनाथ और आखिरी में पहुंच हीं गए मिथिलेश के पास । वैसे बड़े लोहियावादी खानदान से इनका तालुकात रहा…

error: Content is protected !!