Location: Meral
मेराल (गढ़वा)। निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान सरकारी ड्यूटी निभा रही एक महिला बीएलओ के साथ कथित अभद्रता, सरकारी कार्य में बाधा डालने और एसआईआर प्रपत्र फाड़ने का मामला सामने आया है। मामले में बीएलओ ने मेराल थाना में लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आंगनबाड़ी सेविका सह बीएलओ आरती देवी ने आवेदन में बताया है कि बूथ संख्या-27 पर एसआईआर कार्य के दौरान वह खोलरा गांव निवासी जितनी देवी का प्रपत्र ऑनलाइन कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि संबंधित प्रपत्र पहले ही कोडरमा जिले के बूथ संख्या-177 की बीएलओ द्वारा ऑनलाइन किया जा चुका है। इसकी जानकारी उन्होंने जितनी देवी के पति राजेंद्र चौधरी को दी।
शिकायत के अनुसार, सूचना मिलते ही राजेंद्र चौधरी कथित रूप से आक्रोशित हो गए और उनके साथ गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि बाद में वह बीएलओ के घर पहुंचे, एसआईआर प्रपत्र दिखाने की मांग करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा थप्पड़ मारने का प्रयास किया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सरकारी एसआईआर प्रपत्र छीनकर फाड़ दिया, जिससे निर्वाचन आयोग का कार्य बाधित हुआ। साथ ही नौकरी से निकलवाने की धमकी भी दी गई।
बीएलओ का कहना है कि घटना के बाद से वह और उनका परिवार भय और मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालने, अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मेराल थाना प्रभारी विष्णुकांत ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। प्रथम दृष्टया जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, राजेंद्र चौधरी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताते हुए उन्हें खारिज किया है।











