Location: पलामू
मेदिनीनगर। पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने शनिवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सदर मेदिनीनगर का औचक निरीक्षण कर छात्राओं की शैक्षणिक तैयारी, करियर जागरूकता, आवासीय व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और अध्ययन के माहौल का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की जांच करना नहीं, बल्कि यह समझना है कि छात्राओं की तैयारी किस स्तर पर है और किन क्षेत्रों में जिला प्रशासन को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्रा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने वार्डन से निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने की जानकारी ली और रसोईघर का निरीक्षण किया। इस दौरान दाल अपेक्षाकृत अधिक पतली मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और निर्देश दिया कि छात्राओं को पौष्टिक, संतुलित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।
उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को कस्तूरबा विद्यालयों सहित अन्य विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा शिक्षा, भोजन, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने कक्षा 12 और 11 की छात्राओं से संवाद कर उनके करियर लक्ष्यों की जानकारी ली। छात्राओं ने डॉक्टर, नर्स, पुलिस अधिकारी, उपायुक्त और पायलट बनने की इच्छा व्यक्त की। उपायुक्त ने उन्हें लक्ष्य के अनुरूप विषय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और योजनाबद्ध अध्ययन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि अनुशासन, निरंतर मेहनत, एकाग्रता और सकारात्मक सोच से ही लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
कक्षा 10 में संचालित कम्युनिकेशन स्किल्स की कक्षा में भी उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की सीख दी। इसके बाद विद्यालय की लाइब्रेरी में छात्राओं से बातचीत करते हुए अपने विद्यार्थी जीवन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अनुभव साझा किए तथा उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अध्ययन वातावरण, पौष्टिक भोजन, सुरक्षा और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्राओं के हितों से जुड़े किसी भी मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिला प्रशासन उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।










