Location: Meral
गढ़वा। नीलांबर-पीतांबर टाउन हॉल मैदान में रविवार को सेवानिवृत्त सहायक अध्यापकों की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता विनोद तिवारी तथा संचालन अंबिका चौधरी ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक शामिल हुए और सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन सहित अन्य लंबित मांगों पर चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए सहायक अध्यापक संघ के अध्यक्ष सूर्यदेव तिवारी ने कहा कि वर्षों तक शिक्षा विभाग में सेवा देने वाले सहायक अध्यापक सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा सरकार को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है, जिससे सेवानिवृत्त शिक्षकों में निराशा बढ़ रही है।
वक्ताओं ने कहा कि नियमित मासिक पेंशन मिलना सेवानिवृत्त शिक्षकों का अधिकार है। उन्होंने सरकार से सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा कर पेंशन भुगतान की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की, ताकि सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानजनक जीवन-यापन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मौजूद शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। पेंशन नहीं मिलने से अनेक सेवानिवृत्त शिक्षक आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
बैठक में आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। निर्णय लिया गया कि यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करती है तो राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक में सहायक अध्यापक संघ के अध्यक्ष सूर्यदेव तिवारी, फिरोज अंसारी, अशोक यादव, संतोष राम, विनोद तिवारी, परशुराम साहू, शमीम अंसारी, श्याम सुंदर गोस्वामी, श्रीनाथ प्रजापति, प्रेमचंद गुप्ता, लतीफ अंसारी, जवाहर चौधरी, अनिल कुमार सिंह, अयूब अंसारी, सुरेंद्र प्रसाद सहित अन्य सेवानिवृत्त सहायक अध्यापक उपस्थित थे।












