Location: Meral
मेराल। शहीद नीलांबर-पीतांबर के शहादत दिवस के अवसर पर संगवरिया स्थित निलाम्बर पिताम्बर चौक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन के साथ की गई।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति कर्मचारी संघ गढ़वा के अध्यक्ष रघुराई राम, समाजसेवी सह चिकित्सक डॉ. अनील साव, पूर्व जिप सदस्य विरेन्द्र साव, पूर्व मुखिया सुनीता देवी, मुखिया मनदीप सिंह, संजय राम, अनिता देवी, रमेश पासवान, डॉ. लालबहादुर साव, शिक्षक मनी सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा में रंका और बनुआ की पारंपरिक आदिवासी कलाकार टीमों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए रघुराई राम ने कहा कि आदिवासी समाज को “लैडर नहीं, लिडर” बनने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति की रक्षा के लिए शहीद नीलांबर-पीतांबर, बिरसा मुंडा, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और तिलका मांझी जैसे अनेक वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी। उनके संघर्षों को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम का संचालन मटुकी सिंह एवं कुन्दन चंद्रवंशी ने संयुक्त रूप से किया, जबकि अध्यक्षता जमुना सिंह ने की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में निलाम्बर पिताम्बर युवा क्लब संगवरिया के अध्यक्ष चंदेश्वर सिंह सहित उपेंद्र सिंह, राकेश कुमार सिंह, रमय सिंह, मंजय सिंह, अखिलेश सिंह, सुखवीर सिंह, विकास सिंह, अनय सिंह, कमलेश सिंह, अखिलेश चंद्रवंशी, मृत्युंजय कुमार चंद्रवंशी, गणेश राम, लालू कुमार भारती, उमाशंकर राम, अनुज कुमार सिंह और सतन सिंह समेत कई लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके अलावा राजेश्वर सिंह, सुरेंद्र सिंह, धर्मदेव सिंह, रघुवीर सिंह, सागर सिंह, मंजू भुइंया, लक्ष्मी राम, बुद्ध प्रिया रंजन और अजय राम सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का समापन शहीदों के आदर्शों पर चलने और समाज को संगठित करने के संकल्प के साथ हुआ।











