Location: Meral
मेराल। झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र साव ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बिना जातीय जनगणना कराए महिला आरक्षण लागू करना पूरी तरह अनुचित है और इससे सामाजिक न्याय की मूल भावना प्रभावित होगी।
वीरेंद्र साव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है और भारतीय जनता पार्टी जनता को गुमराह कर रही है। उनका कहना है कि जब तक देश में जातीय जनगणना नहीं कराई जाती, तब तक आरक्षण का सही और न्यायसंगत वितरण संभव नहीं हो सकता।
उन्होंने आगे कहा कि महिला आरक्षण का समर्थन सभी को करना चाहिए, लेकिन इसमें सभी वर्गों, विशेषकर पिछड़े, अति पिछड़े, आदिवासी और दलित समुदाय की महिलाओं की समुचित भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए जातीय आंकड़ों का होना बेहद आवश्यक है।
झामुमो नेता ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पहले जातीय जनगणना कराई जाए, ताकि आरक्षण नीति को प्रभावी और न्यायसंगत तरीके से लागू किया जा सके तथा समाज के सभी वर्गों को उनका अधिकार मिल सके।











