Location: Manjhiaon

मझिआंव (प्रतिनिधि)। मझिआंव नगर पंचायत क्षेत्र में जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है। शहर में आए दिन घंटों जाम लगने से आम लोगों, छात्रों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि अन्य प्रखंडों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मझिआंव नगर पंचायत में अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार समस्या उठाए जाने के बावजूद प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं गया है।
मुख्य सड़क और ब्लॉक रोड पर अतिक्रमण के कारण स्थिति और भी खराब हो गई है। शुक्रवार को मारपीट में घायल दो गंभीर मरीजों को रेफरल अस्पताल से सदर अस्पताल गढ़वा ले जा रही 108 एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक जाम में फंसी रही। चालक लगातार सायरन बजाता रहा और लोगों से रास्ता खाली करने की अपील करता रहा, लेकिन न तो मौके पर पुलिस पहुंची और न ही जल्द जाम हट सका।
स्थानीय लोगों के अनुसार फल, मिठाई और कपड़ा दुकानदार नाली से बाहर तक दुकानें लगा देते हैं। साथ ही कुछ स्थायी दुकानदार अपने दुकानों के सामने फुटपाथी दुकानदारों से प्रतिदिन 50 से 100 रुपये लेकर दुकान लगवाते हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और जाम की समस्या उत्पन्न होती है।
जाम के कारण स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं सहित मरीजों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत बने लगभग 16-17 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सका है। इसे भी जाम का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
यह मार्ग झारखंड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को जोड़ता है, जिससे यहां भारी वाहनों का भी लगातार आवागमन होता रहता है।
बताया जाता है कि खाता संख्या 208, प्लॉट संख्या 553, 554, 555 तथा ब्लॉक रोड के कई स्थानों की सरकारी अमीन से मापी कराकर पूर्व सीओ शारदानंद देव द्वारा लाल निशान भी लगवाया गया था, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका।
इस संबंध में बीडीओ सह प्रभारी सीओ श्रीमती कनक ने कहा कि समय के अभाव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार पुलिस का सहयोग समय पर नहीं मिल पाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस की मौजूदगी में सरकारी जमीन की मापी कराकर अतिक्रमणकारियों को पहले नोटिस दिया जाएगा, उसके बाद पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।











