Location: Meral
मेराल:
प्रखंड कार्यालय सभागार में पशुपालन, सहकारिता एवं कृषि विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख दीप माला देवी, सीईओ सह बीडीओ यशवंत नायक, विधायक प्रतिनिधि डॉक्टर लालमोहन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम शुरू होते ही कई विभागीय पदाधिकारियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई। पशुपालन पदाधिकारी के के सिंह कार्यशाला में अनुपस्थित पाए गए। वहीं सहकारिता पदाधिकारी तोहिद आलम भी सूचना दिए जाने के बावजूद नहीं पहुंचे। इस पर विधायक प्रतिनिधि डॉक्टर लालमोहन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विभागीय बैठक और कार्यशाला में संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति अनुशासनहीनता को दर्शाती है। उन्होंने ऐसे पदाधिकारियों से कारण बताओ नोटिस जारी करने की मांग की।
मौके पर मौजूद बीटीएम प्रवीण मिश्रा ने बताया कि पशुपालन पदाधिकारी को कई बार फोन किया गया, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। एक-दो बार घंटी जाने के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया गया।
कार्यशाला में किसान मित्रों की उपस्थिति भी अपेक्षा से काफी कम रही। प्रखंड में दो दर्जन से अधिक किसान मित्र होने के बावजूद केवल लगभग एक दर्जन लोग ही उपस्थित हुए। इनमें करकोमा के चंदेश्वर राम, मेराल पूर्वी के वीरेंद्र महतो, गोंदा के शिव शंकर महतो, विकताम के अशोक कुमार महतो तथा गेरुआ के सरवन कुमार प्रमुख रूप से शामिल थे। जनप्रतिनिधियों ने किसान मित्रों की कम उपस्थिति पर भी चिंता जताई और अनुपस्थित लोगों से जवाब मांगने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कम पानी में होने वाली फसलों की खेती के बारे में जानकारी दी। विशेष रूप से मड़वा एवं फलदार कलमी वृक्षों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। अंचल अधिकारी ने वैज्ञानिकों द्वारा इस वर्ष कम वर्षा की संभावना जताए जाने का हवाला देते हुए किसानों को कम पानी वाली फसल लगाने की सलाह दी।
प्रखंड प्रमुख दीप माला देवी ने कहा कि किसानों को दिए जा रहे बीज की गांव स्तर पर जांच होनी चाहिए तथा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसान उसका सही उपयोग कर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। वहीं सांसद प्रतिनिधि विजय प्रसाद और चंद्रमणि पाठक ने किसानों को व्यावसायिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन जनसेवक बसंत पांडे ने किया। इस अवसर पर प्रधान सहायक रामनाथ पाल, नाजिर सुनील कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामनाथ चौधरी सहित 20 पंचायतों से आए किसान, महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।











