रांची: झारखंड कांग्रेस के नेता राज्यसभा में जाने के लिए टिकट को लेकर रांची से दिल्ली तक भाग दौड़ करते रहे. नेताओं के यहां हाजिरी लगाते रहे. लेकिन एक ऐसे नेता को टिकट मिल गया जिसकी चर्चा नहीं थी और न ही अधिक लोग इनको जानते हैं. मूल रूप से झारखंड के रहने वाले भी नहीं हैं. हालांकि लंबे समय से बोकारो में रह रहे हैं. इनका नाम है प्रणव झा. विशेषता यही है कि प्रणव झा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के करीबी हैं. राष्ट्रीय सचिव के साथ-साथ कार्यालय सचिव और अध्यक्ष के राजनीतिक सलाहकार हैं. इनका नाम आते ही लोग चौंक गए. क्योंकि उनकी चर्चा कही थी नहीं. झारखंड कांग्रेस के कई नेता टिकट के लिए दौड़ लगा रहे थे लेकिन प्रणव झा ने सबको पीछे छोड़ते हुए टिकट हासिल कर लिया. बताया जाता है कि झारखंड कांग्रेस से डेलीगेट्स हैं.
प्रणव झा भागलपुर के कहलगांव के रहने वाले हैं. लेकिन बोकारो में रहते हैं. प्रणव झा को उम्मीदवार बनाए जाने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की. हेमंत सोरेन से आश्वासन मिलने के बाद ही प्रणव झा के नाम की घोषणा की गई. कांग्रेस प्रभारी के राजू भी रांची में जमे हुए हैं.
मल्लिकार्जुन खड़गे के करीबी होने के कारण प्रणव झा झारखंड कांग्रेस के नेताओं पर भारी पड़े. जब कांग्रेस हाई कमान ने झा को टिकट दिया है तो
इनकी जीत के लिए पार्टी पूरी ताकत लगा देगी. हेमंत सोरेन की भूमिका की महत्वपूर्ण होगी. प्रणव झा आलाकमान के उम्मीदवार हैं, इसलिए पार्टी का कोई नेता या विधायक अब विरोध नहीं कर पाएगा.
इधर, अब देखना है कि भाजपा क्या फैसला लेती है. किसको उम्मीदवार बनाती है. झारखंड के किसी नेता को टिकट मिलता है या परिमल नाथवानी को. कांग्रेस उम्मीदवार का नाम सामने आने के बाद भाजपा को अब चयन में सहूलियत होगी.











