
Location: Shree banshidhar nagar
बंशीधर नगर – भाजपा नगर मंडल के तत्वाधान में रविवार को अनुमंडल विधायक प्रतिनिधि ओमप्रकाश गुप्ता के आवास पर भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया।
इसका शुभारंभ डॉ मुखर्जी के तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप जलाकर किया गया। तत्पश्चात उपस्थित लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्गो पर चलने का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान विचारक तथा प्रखर शिक्षाविद के रूप में जाने जाते हैं। सच्चे अर्थों में डॉ मुखर्जी मानवता के उपासक और सिद्धांत वादी नेता थे। ब्रिटिश सरकार की भारत विभाजन की गुप्त योजना और षड्यंत्र को कांग्रेस के नेताओं ने अखंड भारत संबंधी अपने वादों को ताक पर रखकर स्वीकार कर लिया। उस समय डॉ मुखर्जी ने बंगाल और पंजाब के विभाजन की मांग उठाकर प्रस्तावित पाकिस्तान का विभाजन कराया और आधा बंगाल व आधा पंजाब खंडित भारत के लिए बचा लिया। डॉ मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे। उस समय जम्मू कश्मीर का अलग झंडा और अलग संविधान था। वहां का मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री कहलाता था। संसद में अपने भाषण में डॉ मुखर्जी ने धारा 370 को समाप्त करने की भी जोरदार वकालत किया था। अगस्त 1952 में जम्मू की विशाल रैली में उन्होंने अपना संकल्प व्यक्त किया था कि या तो मैं आपको भारतीय संविधान प्राप्त कराऊंगा या फिर इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना जीवन बलिदान कर दूंगा। उन्होंने तत्कालीन नेहरू सरकार को चुनौती दी तथा अपने दृढ़ निश्चय पर अटल रहे। अपने संकल्प को पूरा करने के लिए वर्ष 1953 में बिना परमिट लिए जम्मू कश्मीर की यात्रा पर निकल पड़े। वहां पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर नजरबंद कर लिया गया। 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई।
मौके पर अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष लक्ष्मण राम, नगर मंडल अध्यक्ष कुमार कनिष्क, अनुमंडल विधायक प्रतिनिधि ओमप्रकाश गुप्ता, महामंत्री नंदकिशोर प्रसाद, सुधीर प्रजापति, हिरा प्रसाद, पीहू कुमारी आदि उपस्थित थे।