Location: Garhwa
गढ़वा। सीआरपीएफ के जवान पंकज कुमार चौबे एवं उनकी धर्मपत्नी ममता चौबे ने अपनी शादी की 16वीं वर्षगांठ को सेवा और मानवता के प्रति समर्पित करते हुए सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान किया। इस अवसर पर दोनों ने जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान कर समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया।
रक्तदान के बाद पंकज कुमार चौबे ने बताया कि वे जीवन के विशेष अवसरों को समाजहित के कार्यों से जोड़ने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वे रक्तदान सहित कई जनकल्याणकारी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। शादी की 16वीं सालगिरह पर उन्होंने अपना 41वां रक्तदान किया, जबकि उनकी पत्नी ममता चौबे ने 11वीं बार रक्तदान किया। इससे पूर्व भी वह 10 यूनिट रक्तदान कर चुकी हैं।
ममता चौबे ने कहा कि रक्तदान को लेकर लोगों के मन में किसी प्रकार का भय नहीं होना चाहिए। स्वस्थ महिला एवं पुरुष नियमित स्वास्थ्य जांच के बाद रक्तदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जान बचा सकता है, इसलिए रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है।
इस अवसर पर समाजसेवी डॉ. पातंजलि केशरी ने कहा कि रक्तदान मानवता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जीवन रक्षक कार्य है। आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता कई लोगों को नया जीवन प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति तीन से चार माह के अंतराल पर रक्तदान कर सकता है। इससे शरीर में आयरन का स्तर नियंत्रित रहता है तथा हृदय रोगों का खतरा भी कम होता है।
उन्होंने कहा कि दूसरों के हित से बड़ा कोई धर्म नहीं है और रक्त केवल मानव से ही प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए सभी लोगों को रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए, ताकि किसी भी मरीज की जान खून की कमी के कारण न जाए।
मौके पर पियूष चौबे, प्रियांशु चौबे, आस्था चौबे, नीलू केशरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।