Location: सगमा
सगमा (गढ़वा): उत्तर प्रदेश-झारखंड सीमा से सटे मकरी गांव के बंदी क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे आसपास के जंगल, खेत और आबादी वाले क्षेत्रों पर खतरा मंडरा रहा है। हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, आग लगने की सूचना बंदी क्षेत्र की देखरेख कर रहे चपरासी लल्लू कुशवाहा को तुरंत दी गई थी, लेकिन उन्होंने शुरुआत में लापरवाही बरतते हुए यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “मेरा कोई नुकसान नहीं हो रहा है।” इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थिति बिगड़ने पर जब नगर उंटारी वन रेंज के रेंजर प्रमोद कुमार को फोन से सूचना दी गई, तब उन्होंने तत्काल चौकीदार को आग बुझाने का निर्देश दिया। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ, लेकिन तब तक आग काफी फैल चुकी थी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही सक्रियता दिखाई जाती, तो नुकसान को रोका जा सकता था।
आग की लपटें श्री सर्वेश्वरी समूह कुटिया मकरी के सामने तक पहुंच गई हैं, जिससे धार्मिक स्थल भी खतरे में आ गया है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह आग बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकती है।
इस घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।











