Location: Garhwa
गढ़वा में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में सोन–कनहर परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, संबंधित एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में परियोजना के तहत अब तक हुए कार्यों, निर्माण की वर्तमान स्थिति और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने परियोजना से जुड़ी बाधाओं और तकनीकी समस्याओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि सोन–कनहर परियोजना क्षेत्रीय विकास और आम लोगों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग करने और अनावश्यक विलंब पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में परियोजना से जुड़े शेष कार्यों, तकनीकी आवश्यकताओं और स्थल स्तर की चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को समय-समय पर प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण, बुजुर्गों ने व्यवस्था पर जताया संतोष
उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देश पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा ने नगर ऊंटारी स्थित NGO संचालित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण जनता दरबार में प्राप्त शिकायत के आधार पर किया गया।
निरीक्षण के दौरान आश्रय गृह में 6 वृद्धजन निवासरत पाए गए, जिनमें 2 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। डीएसडब्ल्यूओ ने बुजुर्गों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर भोजन, आवास, चिकित्सा और देखभाल संबंधी जानकारी ली। सभी बुजुर्गों ने व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया और किसी प्रकार की शिकायत नहीं होने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान आश्रय गृह संचालक को बुजुर्गों के लिए दैनिक दिनचर्या चार्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया। इस चार्ट में सुबह जागरण से लेकर रात विश्राम तक की गतिविधियां निर्धारित रहेंगी, ताकि बुजुर्गों को नियमित और स्वस्थ जीवनशैली मिल सके।
इसके अलावा भवन की आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
जनसुनवाई में सुनी गईं आम लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश
उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देश पर जिला नियोजन पदाधिकारी पंकज कुमार गिरि ने समाहरणालय सभाकक्ष में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, आवास, मुआवजा, मजदूरी भुगतान और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग पहुंचे।
जनसुनवाई में डंडई प्रखंड के सोमारु प्रजापति ने भूमि मापी नहीं होने और जमीन पर कब्जे की शिकायत की। वहीं बिशुनपुरा निवासी हसमत अली ने धान अधिप्राप्ति के बाद भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई।
भवनाथपुर की सुनैना देवी ने वर्षों से राशन कार्ड नहीं बनने की समस्या उठाई, जबकि मेराल प्रखंड के झाड़ूकश वीरेंद्र राम ने लंबित मानदेय भुगतान की मांग की। इसके अलावा देवंती देवी ने एनएच-75 फोरलेन निर्माण में अधिग्रहित भूमि के मुआवजा राशि में हिस्सेदारी नहीं मिलने की शिकायत की।
जिला नियोजन पदाधिकारी ने सभी मामलों को संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए शीघ्र समाधान का निर्देश दिया। साथ ही उपायुक्त के निर्देश पर जिले के सभी अनुमंडलों, प्रखंडों और अंचलों में भी जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में लंबित मामलों पर उपायुक्त सख्त
गढ़वा उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट निर्गत करने और भूमि विवाद से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि बिना आपत्ति वाले दाखिल-खारिज मामलों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर और आपत्ति वाले मामलों का निष्पादन 90 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।
समीक्षा के दौरान कई मामलों के 90 दिनों से अधिक लंबित पाए जाने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। भूमि सीमांकन के मामलों में अमीनों को तय समय पर कार्रवाई करने को कहा गया।
उपायुक्त ने कहा कि राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी लंबित कार्यों का समयसीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। खराब प्रदर्शन करने वाले अंचल अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने प्रत्येक मंगलवार को नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने की बात कही।