प्रदेश भाजपा की नई कमेटी, कई नामों पर उठे सवाल, अंगद की पांव की तरह जमे हुए हैं कई नेता

Location: रांची

रांची :  प्रदेश भाजपा की नई कमेटी घोषित हो गई।  कमेटी में क्षेत्रीय,जातीय और महिलाओं का ध्यान रखा गया है। ऊपर से देखने में यह कमेटी संतुलित लगती है। लेकिन कमेटी में कई नाम ऐसे हैं  जिनको फिर से शामिल किए जाने पर सवाल खड़े हो गए। कई चेहरे ऐसे हैं जो भाजपा में अंगद की पांव की तरह ही जमे हुए है। चाहे कोई अध्यक्ष रहे उनका पद सुरक्षित है। उनको कोई हिला नहीं सकता है।
कई ऐसे चेहरों को भी शामिल किया गया जो सक्रिय राजनीति में कहीं दिखते नहीं हैं। पार्टी में जुझारू छवि रखने वाले कई लोगों को जगह नहीं मिली। कमेटी में कुछ खास नया नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी जब युवाओं को राजनीति में आगे लाकर उन्हें जिम्मेदारी दे रहे हैं तब झारखंड भाजपा की नई कमेटी में युवाओं की भागीदारी काफी कम है। गिरिडीह की महिला शालिनी बैसखियार की कहानी कुछ अलग ही है।
नई कमेटी के पदाधिकारियों पर सवाल उठना लाजिमी है। कमेटी में कई पुराने चेहरे फिर से जगह पाने में सफल रहे। इनके कामकाज का आकलन किस आधार पर पार्टी करती है यह तो पार्टी के नेता ही जानें। लेकिन जनता में ऐसे नेताओं की बहुत पकड़ नहीं है। बड़े नेताओं की परिक्रमा में माहिर हैं। इसीलिए हर बार पद हथिया लेते हैं।
इस बार उम्मीद थी कि पार्टी हार से सबक लेकर नए लोगों को जिम्मेदारी देगी। उन्हें आगे करेगी। अधिक से अधिक युवाओं को मौका मिलेगा। पुराने लोगों की विदाई होगी। लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। इसका मतलब साफ है कि पार्टी अपने हिसाब से ही चलेगी। हार की चिंता नहीं है। नेता जिसे चाहेंगे उसी को को पद मिलेगा। चाहे उनके अंदर काबिलियत हो या न हो।
अब कुछ नाम की चर्चा कर लेते हैं। राकेश प्रसाद, बालमुकुंद सहाय, गणेश मिश्रा, मुनेश्वर साहू, अमरदीप यादव आदि लंबे समय से किसी ने किसी पद पर काम करते रहे हैं। शैलेंद्र सिंह पहले भी दो बार कमेटी में रह चुके हैं। तीसरी बार मौका मिला है।
   आदिवासी नेता के नाम पर नीलकंठ सिंह मुंडा और कुर्मी जाति के कोटे से जमशेदपुर की पूर्व सांसद आभा महतो को जगह दी गई है। नीलकंठ सिंह कितने सक्रिय हैं यह सबको पता है। खूंटी में में वह अपनी सीट नहीं बचा पाए। आभा महतो के नाम ने सबको चौंका दिया। आभा महतो राजनीति से अब लगभग अलग हो चुकी हैं। उनकी कोई सक्रियता नहीं रह गई है। पार्टी के लोग ही उनका नाम देखकर चौंक गए। आभा महतो के पति शैलेंद्र महतो की अलग लाइन है। अब ऐसे में सिर्फ कुर्मी के नाम पर आभा महतो को शामिल करना कहां तक उचित है। इससे पार्टी को क्या मिलने वाला है। कुर्मी में कई ऐसे नेता हैं जिन्हें जगह दी जा सकती थी। आदिवासी नेताओं में भी कई युवा और जुझारू नेता हैं,जिन्हें जगह दी जा सकती थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
पांच महिलाओं को जगह दी गई। पश्चिम सिंहभूम से पूर्व सांसद गीता कोड़ा को शामिल किया गया। लेकिन गीता कोड़ा भी बहुत सक्रिय नहीं दिखती हैं। गिरिडीह की शालिनी बैसखियार के बारे में सूचना है कि वह बिहार प्रदेश महिला मोर्चा में उपाध्यक्ष थीं। अब झारखंड में उन्हें मंत्री बना दिया गया। मैडम का बिहार की राजनीति से अचानक झारखंड की राजनीति में पदार्पण हो गया।
कमेटी में इस बार अनंत ओझा, विरंची नारायण किसलय तिवारी, सुबोध सिंह गुड्डू जैसे नेताओं को जगह नहीं मिली। युवाओं को बहुत कम अवसर दिया गया। मुनेश्वर साहू को मंत्री से उपाध्यक्ष बना दिया गया। नगर निकाय चुनाव में मुनेश्वर साहू पर गुमला में पार्टी समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ काम करने का आरोप है। उन्हें सिमडेगा भेज दिया गया था। अब प्रमोशन मिल गया।
राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा को महामंत्री से उपाध्यक्ष बनाया गया है। भानु प्रताप शाही जैसे फायर ब्रांड नेता उपाध्यक्ष ही रह गए। अभी मंच, मोर्चाऔर प्रकोष्ठ का गठन होना बाकी है। अब सबकी निगाहें इसी पर टिकीं हैं।

आपकी राय महत्वपूर्ण है!

इस समाचार पर आपकी क्या राय है? कृपया हमारे लेख को लाइक या डिसलाइक बटन से रेट करें और अपनी प्रतिक्रिया कमेंट सेक्शन में साझा करें। आपके विचार और सुझाव हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और हमें बेहतर सेवा देने में मदद करेंगे। धन्यवाद!

  • Sunil Singh

    Sunil Singh is Reporter at Aapki khabar from Ranchi, Jharkhand.

    News You may have Missed

    विश्व पर्यावरण दिवस पर न्यायिक पदाधिकारियों ने किया पौधारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर न्यायिक पदाधिकारियों ने किया पौधारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर खुटहेरिया पंचायत सचिवालय में हुआ वृक्षारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर खुटहेरिया पंचायत सचिवालय में हुआ वृक्षारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर पंचायत कार्यालय परिसर में हुआ वृक्षारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर पंचायत कार्यालय परिसर में हुआ वृक्षारोपण

    राज्यसभा चुनाव : झामुमो कांग्रेस में तकरार, गठबंधन में टूट का खतरा, कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार दिए जाने पर नाराजगी

    राज्यसभा चुनाव : झामुमो कांग्रेस में तकरार, गठबंधन में टूट का खतरा, कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार दिए जाने पर नाराजगी

    मनरेगा कर्मियों ने सरकार से की संवाद और समाधान की पहल की मांग

    अवैध बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक घायल, ग्रामीणों में आक्रोश

    अवैध बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक घायल, ग्रामीणों में आक्रोश
    error: Content is protected !!