नई करवट ले रही धनबाद कोयलांचल की राजनीति, मेयर संजीव सिंह और सांसद ढुल्लू महतो आमने-सामने

Location: रांची


रांची: धनबाद कोयलांचल की राजनीति नई करवट ले रही है। कई नए संकेत मिल रहे हैं। अगर यही स्थिति बरकार रही और मामला आगे बढ़ा तो 2029 के लोकसभा चुनाव में नया समीकरण देखने को मिलेगा। धनबाद की राजनीति में मेयर चुनाव के परिणाम ने नया समीकरण पैदा किया है। झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह की शानदार जीत ने राजनीति की नई इबारत लिख दी है। कोयलांचल की राजनीति में सिंह मेंशन का दबदबा फिर साबित हुआ है। संजीव सिंह हीरो बन के उभरे हैं।
  नगर निगम के मेयर चुनाव के समय से ही धनबाद के दबंग सांसद ढुल्लू महतो और संजीव सिंह के बीच खटपट की खबरें आ रही थीं। सांसद ढुल्लू महतो अपनी पत्नी को भी मेयर चुनाव लड़ना चाहते थे। भाजपा से समर्थन मांग रहे थे। लेकिन पार्टी ने समर्थन नहीं दिया और जब झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह मैदान में आ गए तो सांसद ने पत्नी को चुनाव लड़ने का विचार त्याग दिया। फिर संजीव सिंह को हराने में लग गए लेकिन मामला उलट गया। संजीव सिंह ने मेयर चुनाव में शानदार जीत दर्ज की। संजीव की जीत से साबित हुआ कि सिंह मेंशन और स्वर्गीय सूर्यदेव से का दबदबा कोयलांचल की राजनीति में बरकरार है।
   संजीव सिंह की जीत के साथ ही धनबाद की राजनीति में चर्चा तेज हो गई कि संजीव सिंह  धनबाद से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। उनके समर्थकों ने धनबाद का सांसद कैसा हो संजीव सिंह जैसा हो का नारा भी दिया। संजीव सिंह पर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अभी से ही दबाव बनाया जा रहा है।
   शांत स्वभाव और कम बोलने वाले संजीव सिंह अभी इस मामले पर चुप हैं। कुछ बोलने से परहेज कर रहे हैं। लेकिन संकेत कुछ और ही है उन्हें इसके लिए तैयार किया जा रहा है। वह भी मन बना रहे हैं।
संजीव सिंह की लोकप्रियता से सांसद ढुल्लू महतो की बेचैनी बढ़ गई है। उनको खतरा नजर आ रहा है। इसीलिए सांसद ने रेलवे पर दबाव बनाकर 6 अप्रैल को ट्रेन के उद्घाटन समारोह से मेयर संजीव सिंह और उनकी पत्नी झरिया विधायक रागिनी सिंह को कार्यक्रम में आने से रोक दिया। जबकि रेलवे की ओर से दोनों को पहले आमंत्रित किया गया था। लेकिन सांसद ने दिल्ली दरबार में गुहार लगाकर डीआरएम धनबाद पर दबाव बनाया और दोनों को आने से रोक दिया गया। इस मामले के बाद संजीव सिंह और सांसद के बीच दूरी और बढ़ गई है।
  संजीव सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि मेरे आने की खबर से किसी का बीपी बढ़ गया था। इसलिए मुझे आने से रोका गया। यदि बीपी बढ़ा हुआ है तो धनबाद से लेकर दिल्ली तक कई बड़े अस्पताल है उनको इलाज करना चाहिए।
इससे आप समझ सकते हैं कि राजनीतिक संकेत क्या है। आने वाले दिनों में धनबाद की राजनीति नई करवट लेने को तैयार दिख रही है। ढुल्लू महतो और संजीव सिंह आमने-सामने होंगे।

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  • Sunil Singh

    Sunil Singh is Reporter at Aapki khabar from Ranchi, Jharkhand.

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