Location: कांडी
कांडी प्रतिनिधि: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड के राज्य विश्वविद्यालय कार्य संयोजक मंजुल शुक्ल ने राज्य विश्वविद्यालयो में प्रस्तावित क्लस्टर सिस्टम पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि झारखंड सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में प्रस्तावित क्लस्टर सिस्टम राज्य के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है। नई शिक्षा नीति के नाम पर लागू किए जा रहे इस सिस्टम से विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों के लिए विभिन्न कॉलेजों में जाना पड़ेगा, जिससे आर्थिक एवं मानसिक बोझ बढ़ेगा। विशेष रूप से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह व्यवस्था उच्च शिक्षा को और कठिन बना देगी। क्लस्टर सिस्टम के कारण नियमित कक्षाओं की व्यवस्था प्रभावित होगी, छात्र-छात्राओं का समय तथा विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता भी कमजोर पड़ेगी। राज्य सरकार को किसी भी बड़े निर्णय से पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श करना चाहिए। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि शिक्षा को सरल, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के बजाय यदि उसे जटिल और खर्चीला बनाया जाएगा, तो इसका व्यापक विरोध होगा। झारखंड सरकार एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से मांग करते हैं कि प्रस्तावित क्लस्टर सिस्टम को तत्काल वापस लिया जाए तथा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी एवं व्यवहारिक शिक्षा नीति लागू की जाए।











