Location: Meral
नेनुआ मोड़ स्थित कृषि रक्षा केंद्र पर डीएपी ₹2000 और यूरिया ₹400 में बेचने का आरोप, कृषि पदाधिकारी ने जांच का दिया भरोसा
मेराल (गढ़वा): खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के बीच मेराल प्रखंड के नेनुआ मोड़ स्थित कृषि रक्षा केंद्र पर अधिक कीमत वसूलने का मामला सामने आया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि दुकान पर डीएपी और यूरिया खाद सरकारी निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दर पर बेची जा रही है।
गोंदा गांव के किसान विकास कुमार ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने नेनुआ मोड़ स्थित कृषि रक्षा केंद्र से खाद खरीदी। उनका आरोप है कि दुकान संचालक उदय मेहता ने डीएपी खाद के लिए ₹2000 प्रति बोरी तथा यूरिया के लिए ₹400 प्रति बोरी वसूले। जबकि सरकार द्वारा डीएपी का अधिकतम खुदरा मूल्य ₹1350 प्रति बोरी और यूरिया का ₹266 प्रति बोरी निर्धारित है। इस प्रकार प्रति बोरी डीएपी पर ₹650 तथा यूरिया पर ₹134 अधिक लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
किसानों का कहना है कि खरीफ की बुआई के समय खाद की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे समय में निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूले जाने से खेती की लागत बढ़ रही है और इसका सीधा आर्थिक बोझ किसानों पर पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दुकानदार का पक्ष
आरोपों पर दुकान संचालक उदय मेहता ने कहा कि वे किसानों से मनमाने ढंग से पैसे नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें भी खाद सरकारी निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध नहीं हो रही है। उनके अनुसार उन्हें डीएपी करीब ₹1900 प्रति बोरी और यूरिया ₹360 प्रति बोरी की दर से मिल रही है। इसी कारण वे डीएपी ₹2000 और यूरिया ₹400 प्रति बोरी की दर से बेचने को विवश हैं।
क्या बोले कृषि पदाधिकारी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामनाथ चौधरी ने बताया कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने की शिकायत उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में दुकानदार द्वारा निर्धारित सरकारी मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की पुष्टि होती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि खाद खरीदते समय हमेशा पक्की रसीद लें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।











