राज्यसभा चुनाव लड़ने से क्यों पीछे हटे दिग्गज कांग्रेसी धीरज साहू

रांची: करीब तीन साल पहले झारखंड कांग्रेस के कद्दावर नेता व तत्कालीन राज्यसभा सांसद धीरज साहू के विभिन्न ठिकानों पर छापे के दौरान जब भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था, तब मैंने 10 जनवरी 24 को धीरज साहू के राजनीतिक भविष्य को लेकर एक रिपोर्ट लिखी थी. शीर्षक था “धीरज साहू के राजनीतिक सफर पर लग सकता है ग्रहण”
   तीन वर्षों बाद अब यह खबर पूरी तरह सच साबित हुई. मेरे फेसबुक पेज पर आप इस खबर को देख सकते हैं. पिछले दिनों धीरज साहू ने जब यह घोषणा की कि वह राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. तब मुझे उस खबर की याद आई जो 10 जनवरी 24 को मैंने लिखी थी.
धीरज साहू के ठिकानों से छापेमारी के दौरान आयकर विभाग ने करीब 400 करोड रुपए नकद बरामद किया था.  तब नकद कैश बरामदगी के मामले में यह देश का सबसे बड़ा मामला था. देशभर में इसकी चर्चा हुई. यह राजनीतिक मुद्दा बन गया था. भाजपा ने इसे कांग्रेस के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया.
नोटों की बरामदगी के बाद ही यह साफ हो गया था कि धीरज साहू की राजनीति अब आगे नहीं चल पाएगी. उनके राजनीतिक भविष्य पर ग्रहण लग गया है. हालांकि यह मामला आयकर से जुड़ा था. बरामद रुपए का जुर्माना सहित टैक्स देकर इस मामले का निपटारा कर दिया गया है. बावजूद इससे धीरज साहू की राजनीति पर जो असर पड़ा उसने उनका राजनीतिक करियर खत्म कर दिया.
राज्यसभा चुनाव की घोषणा होते ही धीरज साहू कांग्रेस से टिकट के लिए सक्रिय हुए.उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेताओं से मुलाकात की. टिकट के लिए दावेदारी पेश की. लेकिन पॉजिटिव उत्तर नहीं मिलने के कारण उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया.
जानकारी के अनुसार धीरज साहू का परिवार भी नहीं चाहता था कि वह अब चुनाव लडें . नेतृत्व की ओर से भी टिकट को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलने, पारिवारिक और व्यावसायिक वजह से धीरज साहू ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया. धीरज साहू के लिए अभी राजनीतिक स्थिति भी अनुकूल नहीं है. साहू परिवार का शराब का बिजनेस ओडिशा में है और वहां वहां भाजपा की सरकार है. चुनाव लड़ने के बाद धीरज साहू फिर से भाजपा के निशाने पर आ सकते थे. इसलिए उन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने को किनारे कर लिया. धीरज साहू एक मात्र ऐसे नेता  हैं जो तीन बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं. चुनाव जीतने की कला में वह माहिर रहे हैं.

आपकी राय महत्वपूर्ण है!

इस समाचार पर आपकी क्या राय है? कृपया हमारे लेख को लाइक या डिसलाइक बटन से रेट करें और अपनी प्रतिक्रिया कमेंट सेक्शन में साझा करें। आपके विचार और सुझाव हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और हमें बेहतर सेवा देने में मदद करेंगे। धन्यवाद!

  • Sunil Singh

    Sunil Singh is Reporter at Aapki khabar from Ranchi, Jharkhand.

    Reactions about this news

    News You may have Missed

    विश्व पर्यावरण दिवस पर न्यायिक पदाधिकारियों ने किया पौधारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर न्यायिक पदाधिकारियों ने किया पौधारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर खुटहेरिया पंचायत सचिवालय में हुआ वृक्षारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर खुटहेरिया पंचायत सचिवालय में हुआ वृक्षारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर पंचायत कार्यालय परिसर में हुआ वृक्षारोपण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर पंचायत कार्यालय परिसर में हुआ वृक्षारोपण

    राज्यसभा चुनाव : झामुमो कांग्रेस में तकरार, गठबंधन में टूट का खतरा, कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार दिए जाने पर नाराजगी

    राज्यसभा चुनाव : झामुमो कांग्रेस में तकरार, गठबंधन में टूट का खतरा, कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार दिए जाने पर नाराजगी

    मनरेगा कर्मियों ने सरकार से की संवाद और समाधान की पहल की मांग

    अवैध बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक घायल, ग्रामीणों में आक्रोश

    अवैध बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से युवक घायल, ग्रामीणों में आक्रोश
    error: Content is protected !!