Location: Meral
मेराल। प्रखंड क्षेत्र के पचपेड़ी गांव में एक नाबालिग लड़की की हो रही शादी को प्रशासन ने समय रहते रुकवा दिया। बाल कल्याण समिति गढ़वा को मिली शिकायत के बाद मेराल सीओ सह प्रभारी बीडीओ यशवंत नायक एवं थाना प्रभारी विष्णुकांत ने पुलिस बल के साथ गांव पहुंचकर कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने लड़की की उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान विद्यालय के प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड का सत्यापन किया गया, जिसमें लड़की की उम्र विवाह योग्य नहीं पाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए नाबालिग लड़की की शादी नहीं करने की सख्त हिदायत दी।
अधिकारियों ने बताया कि कानून के अनुसार लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है। नियमों की जानकारी दिए जाने के बाद लड़की के पिता ने अपनी पुत्री का विवाह अभी नहीं करने तथा 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही शादी कराने का लिखित आश्वासन दिया।
सीओ यशवंत नायक ने परिजनों को निर्धारित आयु पूरी होने के बाद ही विवाह कराने की सलाह दी। प्रशासन की मौजूदगी में शादी के लिए तैयार किया गया मंडप एवं अन्य व्यवस्थाएं भी हटवा दी गईं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में बाल विवाह के खिलाफ एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। इससे बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।










