Location: Meral
मेराल (गढ़वा)। मेराल प्रखंड के कुसमही गांव में रविवार को वन विभाग द्वारा कराए जा रहे पौधारोपण कार्य को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें दो ग्रामीण घायल हो गए। सूचना पर मेराल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारी चार-पांच ट्रैक्टरों में पौधे लेकर दुसयानी टोला पहुंचे और ग्राम सभा की अनुमति व पूर्व सूचना के बिना गोबरदाहा गांव के लोगों के सहयोग से पौधारोपण शुरू करा दिया। जब ग्राम सभा के प्रतिनिधियों ने इसकी अनुमति और जानकारी मांगी तो विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, मारपीट के दौरान केश्वर कोरवा पर कुदाल से हमला किया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी और वे बेहोश हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे विरेंदु कोरवा भी घायल हो गए। दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
थाना प्रभारी विष्णुकांत ने बताया कि वन अधिकार पट्टा को लेकर कुसमही और गोबरदाहा गांव के ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ है। कुसमही के ग्रामीणों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। जांच के बाद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद कुसमही में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा द्वारा पहले से लगाए गए महुआ, इमली, कटहल, मुनगा, आम और अमरूद के पौधों को हटाकर विभागीय पौधे लगाने का प्रयास किया गया, जो वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत ग्राम सभा के अधिकारों का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा ग्राम सभा के अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
वन विभाग ने आरोपों का किया खंडन
गढ़वा वन प्रमंडल के डीएफओ प्रमोद कुमार ने कहा कि वन विभाग के कर्मी वन क्षेत्र में नियमित पौधारोपण कर रहे थे। इसी दौरान गांव में झगड़े की आवाज सुनाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी की ग्रामीणों से कोई झड़प नहीं हुई।
डीएफओ ने बताया कि विवाद कुसमही और गोबरदाहा के ग्रामीणों के बीच आपसी कहासुनी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र में वन अधिकार के तहत कुछ लोगों को पट्टा मिला है तथा विभाग ने लगभग चार माह पहले पट्टा क्षेत्र से अलग स्थान पर पौधारोपण के लिए गड्ढों की खुदाई कराई थी। उनके अनुसार कुछ असामाजिक तत्व विभागीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासनिक जांच में सहयोग करने की अपील की।











