शादी का वादा झूठा निकला, घघरी की दलित युवति बनी मां—बच्ची जन्म के बाद मृत:आरोपी अपनाने से किया इंकार

सगमा(गढ़वा):धुरकी थाना क्षेत्र के घघरी गांव से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 21 वर्षीय अविवाहित दलित (भुइयां समाज) युवति ने पूरे नौ महीने गर्भ में बच्चे को रखने के बाद रविवार को एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश बच्ची ने जन्म के तुरंत बाद दम तोड़ दिया। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है और पीड़िता तथा उसका परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। रविवार की सुबह जब युवति को अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो उसके परिजन आनन-फानन में ऑटो से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धुरकी ले जाने लगे। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने बच्ची को जन्म दे दिया।

जन्म लेते ही बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद एएनएम रेनु कुमारी ने युवति को भर्ती कर इलाज शुरू किया। उन्होंने पुष्टि की कि युवति अविवाहित है और उसने रास्ते में ही मृत बच्ची को जन्म दिया। पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि गांव का ही 60 वर्षीय अविवाहित अधेड़ यमुना प्रसाद जायसवाल इस घटना के लिए जिम्मेदार है। करीब एक वर्ष पूर्व उसने युवति के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। विरोध करने पर आरोपी ने शादी का झांसा दिया और भरोसा दिलाया कि वह भी अविवाहित है तथा उसकी भी अभी तक शादी नहीं हुई है। आरोपी ने यह भी कहा कि उसका कोई वारिस नहीं है,

इसलिए वह युवति से विवाह कर उसे अपनी पत्नी का दर्जा देगा। इसी वादे और भरोसे पर वह युवति से लगातार संबंध बनाता रहा। लगातार यौन शोषण के कारण युवति गर्भवती हो गई। जब उसने और उसके परिजनों ने आरोपी को गर्भधारण की जानकारी दी और शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी ने उन्हें दिलासा देते हुए कहा कि गर्भ को डैमेज मत करना, बच्चे को जन्म देना, इसके बाद मैं तुमसे विवाह कर लूंगा। इस भरोसे पर युवति ने पूरे नौ महीने गर्भ में बच्चे को पाला। लेकिन जैसे ही बच्ची का जन्म हुआ और मामला खुलकर सामने आया, आरोपी ने युवति को अपनाने से साफ इंकार कर दिया।

परिजनों का कहना है कि आरोपी ने न केवल बेटी का भविष्य बर्बाद किया बल्कि समाज में उसका अपमान भी किया। उन्होंने मांग की है कि पीड़िता को इंसाफ मिलना चाहिए और आरोपी को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इस मामले को लेकर घघरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अशोक राम ने भी पीड़िता के परिवार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह मामला पूरी तरह सही है और इस गरीब दलित युवति को न्याय मिलना ही चाहिए।

इधर, धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राउत से जब इस संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने कहा कि पीड़िता की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुई है आवेदन के आलोक में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग कह रहे हैं कि एक गरीब दलित युवति को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करना बेहद शर्मनाक और अमानवीय कृत्य है। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी बेटी के साथ ऐसा अन्याय न हो।

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  • Shreekant Choubey

    Location: Sagma Shreekant Choubey is reporter at आपकी खबर News from Sagma

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