रांची: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित होने के बाद झारखंड की राजनीतिक स्थिति में परिवर्तन आएगा। तस्वीर बदल जाएगी. 2029 के चुनाव में लोकसभा और विधानसभा की सीटों में वृद्धि होगी. सीटों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिसमें से 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। राज्यसभा की सीटों की संख्या भी बढ़ेगी . विधानसभा और लोकसभा की सीट बढ़ने से कई नए लोगों को राजनीति में सांसद-विधायक बनने का अवसर मिलेगा. राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी. महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा. जोड़-तोड़ की राजनीति से भी झारखंड को निजात मिल जाएगा. वर्तमान लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र का स्वरूप बदल जाएगा. कई नए चेहरे सामने आएंगे. पूरी राजनीतिक तस्वीर ही बदल जाएगी.
महिला आरक्षण विधायक विधेयक इसी लोकसभा सभा सत्र में पारित कराने को लेकर केंद्र सरकार ने रणनीति बना ली है. कवायद तेज हो गई है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं से लगातार बैठक कर विधेयक पर आम राय बनाने की कोशिश कर रहे हैं. लगभग सभी राजनीतिक दल इस पर सहमत होते दिख रहे हैं. झारखंड में अभी लोकसभा की 14 और विधानसभा की 81सीट है. इन सीटों में लगभग 50% की वृद्धि होगी. लोकसभा की 14 सीटों में पांच 5 एसटी व एक सीट एससी के लिए रिजर्व है. 9 सीट जनरल है.
इसी तरह विधानसभा सभा की 81सीटों में 28 सीट एसटी और 9 सीट एससी लिए रिजर्व है. जबकि 44 सीट जनरल है. महिला आरक्षण विधेयक पास होने के बाद झारखंड की राजनीति स्थिति में काफी परिवर्तन देखने को मिलेगा. महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ जाएगी. सभी दलों को 33% महिलाओं को टिकट देना अनिवार्य हो जाएगा. महिलाओं के लिए रिजर्व सीट पर सिर्फ महिलाएं चुनाव लड़ेंगी.











