Location: Meral
मेराल (गढ़वा): प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय राजहरा में बुधवार को विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रीता देवी द्वारा स्कूली बच्चों से पढ़ाई के दौरान पौधारोपण कराए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका आरोप है कि जिस समय बच्चों को कक्षा में पढ़ाई करनी चाहिए थी, उस समय उनसे पौधारोपण का कार्य कराया गया।
जानकारी के अनुसार, स्कूल खुलने के बाद नियमित रूप से प्रार्थना सभा हुई और बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई। इसके बाद प्रधानाध्यापिका के निर्देश पर बच्चों को कक्षाओं से बाहर बुलाकर उनके हाथों में पौधे और मिट्टी खोदने के औजार दिए गए तथा विद्यालय परिसर में पौधारोपण कराया गया।
पौधारोपण करने वाले बच्चों में कक्षा पांच के हिमांशु कुमार पासवान, कक्षा छह के बजरंगी कुमार पासवान तथा कक्षा सात के अंकुश कुमार पासवान और रवि कुमार पासवान शामिल थे। बच्चों ने बताया कि वे प्रधानाध्यापिका के निर्देश पर पौधे लगा रहे थे।
अभिभावकों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण निश्चित रूप से सराहनीय पहल है, लेकिन इसके लिए पढ़ाई के समय का उपयोग उचित नहीं है। उनका कहना है कि सरकार शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा के लिए वेतन देती है, न कि उनसे बागवानी या अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य कराने के लिए। यदि पौधारोपण कराना ही था तो इसे खेल अवधि, विशेष गतिविधि या विद्यालय की छुट्टी के बाद कराया जा सकता था।
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रधानाध्यापिका रीता देवी ने कहा कि विद्यालय को हरा-भरा बनाने और बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से पौधारोपण कराया गया। हालांकि, पढ़ाई के समय इस गतिविधि के आयोजन के संबंध में उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालयों में शिक्षण अवधि के दौरान केवल पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों से गैर-शैक्षणिक कार्य कराने पर रोक लगाई जाए।
इस संबंध में प्रभार प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके मोबाइल पर घंटी बजने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं हो










