Location: Garhwa
गढ़वा : पूर्व मंत्री चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे के निधन पर झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं झामुमो नेता मिथिलेश कुमार ठाकुर ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने इसे पलामू प्रमंडल ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड और बिहार के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
श्री ठाकुर ने कहा कि स्वर्गीय ददई दुबे मेरे लिए आदर्श एवं अभिभावक स्वरूप थे। उनका यूं अचानक चले जाना न केवल राजनीतिक क्षेत्र की क्षति है, बल्कि यह जनमानस के बीच से एक सच्चे जनसेवक और सिद्धांतवादी नेता की विदाई है। इसकी भरपाई संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि ददई दुबे गरीबों और वंचितों के मसीहा, निडर योद्धा और जनकल्याण के लिए समर्पित नेता थे। उन्होंने कभी पद और सत्ता के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया। वे गरीबों के साथ किसी भी अन्याय पर तत्काल आवाज उठाते थे और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करते थे।
श्री ठाकुर ने आगे कहा कि उनका व्यक्तित्व अद्वितीय था। वे ग्रामसभा से लेकर लोकसभा तक मजदूरों और गरीबों की आवाज बने रहे। वे वास्तव में पलामू प्रमंडल के ‘अजातशत्रु’ थे। उनके जैसा नेता न कभी हुआ और न होगा। हमें उनके विचारों को आत्मसात कर उनके पदचिन्हों पर चलना चाहिए।
उन्होंने अंत में कहा कि वे स्वयं और पूरी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से दिवंगत नेता को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।














