Location: Ranka
गढ़वा: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपतिनाथ मिश्रा ने बुधवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनियां, प्रखंड सह अंचल कार्यालय चिनियां तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, कर्मियों की उपस्थिति और कार्यालय व्यवस्था का जायजा लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनियां के निरीक्षण में ओपीडी में एक चिकित्सक मरीजों का उपचार करते मिले तथा दवा वितरण का कार्य भी संचालित पाया गया। हालांकि नर्सिंग स्टाफ और पैथोलॉजी विभाग के कर्मी अनुपस्थित मिले। पूछताछ में जानकारी मिली कि सभी कर्मी रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में शामिल होने गए हैं।
इसके बाद उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय चिनियां का निरीक्षण किया। यहां प्रखंड विकास पदाधिकारी सुबोध कुमार सहित कुछ कर्मी बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित कर्मियों का एक दिन का वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया तथा बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका का निरीक्षण किया, जहां चिकित्सकों सहित सभी स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित मिले। रंका, चिनियां और रमकंडा प्रखंडों के स्वास्थ्यकर्मी यहां आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में भाग ले रहे थे। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बैठक में शामिल होकर चिनियां स्वास्थ्य केंद्र से अनुपस्थित पाए गए कर्मियों के संबंध में जानकारी ली, जिसमें सभी कर्मी बैठक में उपस्थित पाए गए।
बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठकें भविष्य में चिनियां, रमकंडा और रंका प्रखंडों में बारी-बारी से आयोजित की जाएं, ताकि स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बेहतर समीक्षा हो सके और अस्पतालों की नियमित सेवाएं प्रभावित न हों।
उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को समय पर अस्पताल पहुंचकर पूरी संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा करने का निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अस्पतालों में बेहतर उपचार, जांच सुविधा और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना सभी स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया











