मोदी ने झारखंड में कर दिया चुनावी शंखनाद, आदिवासियों की नब्ज पर रखा हाथ, बदलाव के लिए मांगा समर्थन

सभार एएनआइ

रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जमशेदपुर से झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी शंखनाद किया। राज्य में सत्ता परिवर्तन और झारखंड के विकास के लिए राज्य के लोगों से समर्थन मांगा। उनका पूरा भाषण राजनीतिक और चुनावी रंग में रंगा हुआ था। रांची से लेकर जमशेदपुर तक खराब मौसम और बारिश ने जमशेदपुर जाने से मोदी को रोकने की पूरी कोशिश की। लेकिन मोदी भी जिद्दी हैं। उन्होंने कहा जनता जब सुबह से ही मेरे लिए इतनी बारिश में आ सकती है तो मैं उनके लिए क्यों नहीं जा सकता। सत्ता तो जनता के लिए ही है। जनता ने ही पीएम बनाया है। मोदी के कदम बारिश और खराब मौसम नहीं रोक पाए और वह सड़क मार्ग से ही जमशेदपुर के गोपाल मैदान पहुंच गए। जहां हजारों की भीड़ बारिश में भी उनकी प्रतीक्षा कर रही थी। मोदी ने कोल्हान की भूमि से प्रचार का आगाज किया। कहा कि झारखंड के तीन सबसे बड़े दुश्मन हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल। राष्ट्रीय जनता दल तो आज भी झारखंड बनने की कीमत वसूल रहा है। कांग्रेस तो झारखंड की दुश्मन नंबर एक है। झामुमो इन दोनों पार्टियों की गोद में है। झारखंड मुक्ति मोर्चा में कांग्रेस का भूत घुस गया है। इसे सत्ता से हटाए। मोदी ने अपने भाषण में झारखंड से अपना लगाव और आदिवासियों के विकास के लिए किए गए कार्यों की चर्चा की। कहा भाजपा ने झारखंड बनाया। आदिवासियों के विकास के लिए अलग मंत्रालय बनाया। कई नई योजनाएं शुरू की। अब उनके गांव तक अधिकारी पहुंचकर उनकी समस्याएं जान रहे और उसका निदान कर रहे हैं। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को आदिवासी जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। एक आदिवासी महिला को पहली बार देश का राष्ट्रपति बनाया। भाजपा चाहती है कि आदिवासी, गरीब, दलित, पिछड़ा, किसान और युवाओं का विकास हो। देश की प्राथमिकता बदल गई है और अब पूरा फोकस इन्हीं वर्गों पर है। उन्होंने संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों और आदिवासियों की घटती जनसंख्या व तुष्टिकरण की राजनीति पर भी प्रहार किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन के अपमान का भी मुद्दा उठाया। कहा चंपई सोरेन एक गरीब आदिवासी हैं। समाज के बड़े नेता हैं। फिर इन्हें अपमानित कर मुख्यमंत्री से क्यों हटाया गया। चंपई सोरेन के अपमान से पूरा आदिवासी समाज दुखी है, और समय आने पर वह बदला लेने को तैयार है। मोदी ने आदिवासियों को विश्वास में लेने की पूरी कोशिश की। उनके लिए किए जा रहे काम का उल्लेख कर और झारखंड मुक्ति मोर्चा, भ्रष्टाचार और सरकार के झूठे वादे की याद दिलाते हुए कड़ा प्रहार कर विधानसभा चुनाव में समर्थन मांगा। मोदी जानते हैं कि झारखंड में सत्ता में वापसी के लिए आदिवासी समाज का समर्थन जरूरी है। इसलिए उन्होंने आज इस पर खूब फोकस किया। मंच पर चंपई सोरेन और उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित अन्य आदिवासी नेताओं से आत्मीय मुलाकात की। जनता में निराश न हो, गलत मैसेज न जाए। इसलिए उन्होंने भारी बारिश के बावजूद जमशेदपुर जाने का फैसला लिया। मोदी ने आज झारखंड को बड़ी सौगात दी। एक साथ छह वंदे भारत ट्रेनों का शुभारंभ सहित कई योजनाएं भी राज्य को दी। सभी 6 वंदे भारत ट्रेनें झारखंड से ही होकर गुजरेंगी। ये ट्रेनें नया अध्याय लिखेंगी। देश में अब तक किसी राज्य को एक साथ छह वंदे भारत नहीं मिली है।

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Sunil Singh

Sunil Singh is Reporter at Aapki khabar from Ranchi, Jharkhand.

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