Location: Manjhiaon
मझिआंव, प्रतिनिधि:
मझिआंव थाना क्षेत्र के पुरहे गांव की एक दलित युवती के कथित अपहरण और बरामदगी के मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, जबकि थाना में उनसे 10 हजार रुपये भी लिए गए। बाद में पुलिस निरीक्षक के हस्तक्षेप के बाद रकम वापस कराई गई।
पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री 9 मई 2026 को गांव के ही बालू गंज टोला निवासी सद्दाम अंसारी के साथ चली गई थी। उन्होंने 10 मई को मझिआंव थाना में आरोपी के खिलाफ आवेदन देकर अपहरण का मामला दर्ज करने की मांग की। आरोप है कि पुलिस दबाव के बाद आरोपी युवती को लेकर थाना पहुंचा, लेकिन बाद में युवती का बयान बदलवाकर आरोपी को छोड़ दिया गया।
पीड़ित पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया गया और उच्च अधिकारियों के पास जाने से हतोत्साहित किया गया। उनका कहना है कि थाना के एक एएसआई ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की, जिसके लिए उन्हें अपनी बकरियां बेचनी पड़ीं।
इस मामले पर पुलिस निरीक्षक वृज कुमार ने कहा कि युवती के पिता द्वारा लिखित रूप से कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही गई थी, इसलिए आगे कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पीड़ित परिवार आवेदन देगा तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रिश्वत के आरोप पर उन्होंने बताया कि जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी को निर्देश देकर 10 हजार रुपये वापस कराए गए।
वहीं, आरोपों में नाम आने वाले एएसआई शिवनाथ राम ने पैसे लेने के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि “ऐसी कोई बात नहीं है।”
यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।