Location: कांडी
कांडी: गायत्री परिवार कांडी की ओर से सूर्य मंदिर परिसर में आयोजित गायत्री महायज्ञ का समापन बुधवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। पूर्णाहुति कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ में आहुति दी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम में पहुंचे समाजसेवी डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की पहचान है। इससे वातावरण शुद्ध होने के साथ लोगों में सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।
गायत्री परिवार कांडी के अध्यक्ष विजय सोनी ने कहा कि यज्ञ का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति, परिवार और समाज के निर्माण से भी जुड़ा है। उन्होंने बताया कि महायज्ञ के माध्यम से नशामुक्ति, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सदाचार का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार नैतिक जागरण एवं संस्कार निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
पूर्णाहुति के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण के संकल्प के साथ समाजसेवी डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी एवं गायत्री परिवार के सदस्यों ने सूर्य मंदिर परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वृक्षारोपण भी किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पौधों की देखभाल करने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया।
वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की सुगंध से पूरा सूर्य मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। पूर्णाहुति के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में गायत्री परिवार के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। :::











