Location: कांडी
गढ़वा : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं, पेपर लीक तथा परीक्षा की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
अभाविप के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रिंस कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रवेश परीक्षाओं की सुचिता एवं विश्वसनीयता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र अथवा उससे जुड़े प्रश्न कुछ लोगों तक पहुंचे हैं, तो यह न केवल परीक्षा प्रणाली पर आघात है, बल्कि वर्षभर मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय भी है।
उन्होंने कहा कि अभाविप केंद्र सरकार से मांग करती है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए। साथ ही इसमें संलिप्त दोषियों, परीक्षा माफियाओं एवं किसी भी स्तर पर सहयोग करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखते हुए विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के समक्ष तथ्य स्पष्ट करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के लाखों विद्यार्थी वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद नीट जैसी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके मनोबल एवं भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
अभाविप ने यह भी मांग की कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा, प्रश्नपत्र की गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों की निगरानी एवं जवाबदेही की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अंत में अभाविप ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए विद्यार्थी परिषद लगातार अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।











