चैती छठ पर गढ़वा जिले में आस्था का सैलाब, व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य

Location: गढ़वा जिला


गढ़वा जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में चार दिवसीय आस्था का महापर्व चैती छठ श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। मंगलवार को व्रतधारियों ने बड़की लोहड़ी के दिन अस्ताचलगामी भगवान भुवन भास्कर को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार, समाज और देश की खुशहाली की कामना की।
मझिआंव एवं बरडीहा प्रखंडों में यह पर्व काफी श्रद्धा भाव के साथ संपन्न हुआ। नगर पंचायत क्षेत्र के कोयल नदी मेला छठ घाट, पानी टंकी घाट, राधाकृष्ण मंदिर घाट, आमर बकोइया सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों—मोरबे, खरसोता, रामपुर, जाहर सराय, बोदरा, सोनपुरा तथा बरडीहा प्रखंड के कुंदरहे, सलगा, सुख नदी आदि स्थानों पर व्रतियों की भारी भीड़ उमड़ी।
इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा देवी ने कोयल नदी तट स्थित प्रमुख छठ घाटों का दौरा कर भगवान सूर्य से आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की समृद्धि की कामना की।
वहीं श्री बंशीधर नगर अनुमंडल मुख्यालय में भी चैती छठ पूजा भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। सूर्य मंदिर छठ घाट पर स्थानीय व्रतियों के साथ-साथ

कांडी प्रतिनिधि:लोक आस्था के महान पर्व छठ पूजा को लेकर कांडी प्रखंड क्षेत्र पूरी तरह भक्ति और श्रद्धा में डूबा नजर आया। मंगलवार को अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान कांडी के विभिन्न छठ घाटों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। घाटों पर “छठी मईया” के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
छठ पूजा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखा। कांडी छठ घाट पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल के जवान हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके। घाटों पर बैरिकेडिंग, लाइटिंग और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की गई थी।
इसी क्रम में थाना प्रभारी अशफाक आलम ने छठ पूजा समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने समिति को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सजग रहने की हिदायत दी। साथ ही श्रद्धालुओं से भी अपील की गई कि वे प्रशासन का सहयोग करें और निर्धारित नियमों का पालन करें।
व्रतियों ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। अब सभी की निगाहें उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने पर टिकी हैं, जिसके साथ यह चार दिवसीय महापर्व संपन्न होगा।
पूरे कांडी क्षेत्र में छठ पूजा को लेकर उत्साह चरम पर है और हर ओर भक्ति, अनुशासन और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

गढ़वा, मझिआंव, रमुना, मेराल, धुरकी, भवनाथपुर, रंका समेत सीमावर्ती बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
मंदिर परिसर में व्रतियों की भीड़ और देवी-देवताओं के भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। वासंतिक नवरात्र और छठ पर्व के संगम ने श्रद्धालुओं की आस्था को और गहरा कर दिया, जिससे पूरे जिले में उत्सव और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।

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