Location: Garhwa
गढ़वा : चैंबर ऑफ कॉमर्स के आजीवन सदस्यों ने मंगलवार को आदर्श होटल में पत्रकार वार्ता कर संतोष केसरी पर गंभीर आरोप लगाए। चैंबर अध्यक्ष बबलू पटवा ने कहा कि संतोष केसरी को वर्ष 2016 में ही चैंबर से हटा दिया गया था। ऐसे में उनका खुद को कार्यकारी अध्यक्ष घोषित करना गलत है। उन्होंने कहा, “चैंबर का अपना संविधान और बाईलोज है। अगर संतोष केसरी सदस्य हैं तो रसीद दिखाएं। हर बार नगर परिषद चुनाव आते ही वे खुद को कार्यकारी अध्यक्ष बताते हैं।
पटवा ने आरोप लगाया कि रविवार को संतोष केसरी ने ज्ञान निकेतन स्कूल में बैठक बुलाकर खुद को कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया, जबकि उसमें चैंबर के कुछ ही आजीवन सदस्य मौजूद थे।
उमेश कश्यप ने कहा कि संतोष केसरी व्यवसायियों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी उन्होंने शहर में दुकानों में आग लगने पर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में मदद की?
विनोद जायसवाल उर्फ नेताजी ने कहा कि चैंबर के बाईलोज के अनुसार अध्यक्ष का चुनाव होता है। संतोष केसरी को पहले गढ़वा के विकास को समझना चाहिए।
ज्योति प्रकाश ने कहा कि बबलू पटवा के नेतृत्व में चैंबर सक्रिय हुआ है। सड़क जाम आंदोलन के बाद शहर की सड़क का निर्माण सरकार से कराया गया।
दौलत सोनी ने कहा कि संतोष केसरी ने कुछ लोगों को बुलाकर खुद को कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया, जो गलत है।
डॉक्टर पतंजलि केसरी ने कहा कि रविवार की बैठक की जानकारी उन्हें नहीं दी गई, जबकि वे भी आजीवन सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि शहर की खराब स्थिति के लिए व्यवसायियों को परेशान करना बंद होना चाहिए।
कार्यक्रम में लखन केसरी, संतोष कश्यप, उपेंद्र कुमार, देवेंद्र गुप्ता, दयाशंकर गुप्ता, अजय कमलापुरी, विक्रांत कुमार, पुनमचंद्र कांस्यकार, पंचम सोनी, विशाल गुप्ता, राहुल साहू सहित कई लोग उपस्थित थे।














