Location: Garhwa
गढ़वा जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना के तहत आईसीटी (कंप्यूटर लैब) की शुरुआत की गई थी, ताकि बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा सके। इसके लिए विभिन्न कंपनियों के माध्यम से आईटी शिक्षकों की नियुक्ति भी की गई।
लेकिन अब इन नियुक्तियों में भारी अनियमितता के आरोप सामने आ रहे हैं। आरोप है कि पूर्व जिला कोऑर्डिनेटर विवेक सिन्हा ने नियमों को दरकिनार करते हुए अयोग्य लोगों की बहाली की। यह भी कहा जा रहा है कि नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से 50 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक वसूले गए।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2017 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के दौरान कई लोगों से पैसे लेकर नियुक्ति देने का मामला सामने आया। वहीं 2022 में भी प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यकाल में कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्न बताने और दबाव बनाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। वर्तमान में विवेक सिन्हा एक निजी कंपनी में कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं।
एक आवेदिका के साथ कथित ऑडियो बातचीत का भी जिक्र किया जा रहा है, जिसमें बहाली से संबंधित लेन-देन की बात सामने आने का दावा है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
मामले को लेकर लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विवेक सिन्हा के कार्यकाल में हुई सभी आईटी शिक्षक नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।











