Location: Garhwa
गढ़वा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्य के एवज में कथित रूप से अवैध राशि मांगने के वायरल वीडियो मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर PMAY-G, खरौंधी के प्रखंड समन्वयक कुमार शानु केशरी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक पंचायत सहायक से आवास योजना से संबंधित कार्य के बदले अवैध राशि मांगने का आरोप सामने आया है। मामले को गंभीर मानते हुए उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू ने संबंधित प्रखंड समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में निर्देश दिया गया है कि संबंधित कर्मी 24 घंटे के भीतर स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर यह माना जाएगा कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनसे यह भी पूछा गया है कि इस कृत्य के लिए उनकी संविदा समाप्त क्यों नहीं की जाए।
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या अवैध राशि की मांग किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और पूर्ण निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितता से जुड़े मामलों की जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है तथा शिकायत मिलने पर गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।











