Location: Garhwa
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावी मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी, सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. माहेरू यामिनी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. गोविंद सेठ, जिला कुष्ठ पदाधिकारी डॉ. कौशल सहगल, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. पुष्पा सहगल, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC), डीपीएम स्वास्थ्य गौरव कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रत्येक माह होगी प्रखंड स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक
उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
निजी क्लिनिक, अल्ट्रासाउंड सेंटर और झोलाछाप चिकित्सकों पर रहेगी नजर
उपायुक्त ने सभी एमओआईसी को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित निजी क्लिनिक, अल्ट्रासाउंड सेंटर, दवा दुकानों तथा झोलाछाप चिकित्सकों का नियमित औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि अनियमितता मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे निरीक्षण प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) एवं थाना प्रभारी के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से किए जाएं, ताकि कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक एवं विधि-व्यवस्था संबंधी सहयोग सुनिश्चित हो सके।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर
बैठक में गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, बच्चों के टीकाकरण तथा छूटे हुए लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।
टीबी, कुष्ठ, मलेरिया और सिकल सेल स्क्रीनिंग की समीक्षा
उपायुक्त ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, कुष्ठ रोग नियंत्रण, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा गैर-संचारी रोग (NCD) की जांच एवं उपचार में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने चिन्हित मरीजों के नियमित उपचार और फॉलोअप पर भी जोर दिया।
डायलिसिस, ब्लड बैंक और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं पर भी फोकस
बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम, ब्लड बैंक की व्यवस्था, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY), यूडीआईडी (UDID) तथा ई-संजीवनी सेवाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पात्र लाभार्थियों का शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए।
डॉक्टरों को जिम्मेदारी से कार्य करने का निर्देश
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीधे आमजन के जीवन से जुड़ा है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने का निर्देश दिया।











