Location: Shree banshidhar nagar
श्री बंशीधर नगर में मंगलवार को एसी, एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में यूजीसी के समर्थन में जुलूस और सभा का आयोजन किया गया। जुलूस गोसाईबाग मैदान से शुरू होकर मुख्य मार्ग से होते हुए भवनाथपुर मोड़ तक पहुंचा और फिर वापस पीडब्ल्यूडी डाकबंगला में सभा में तब्दील हो गया।
जुलूस में शामिल लोगों ने “इंकलाब जिंदाबाद”, “यूजीसी लागू करो”, “जाति-धर्म में नहीं बंटेंगे, मिलजुलकर संघर्ष करेंगे” और “जीना है तो लड़ना होगा” जैसे नारों के साथ तख्तियां लेकर अपनी मांगें रखीं।
पीडब्ल्यूडी डाकबंगला में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने और समानता को बढ़ावा देने के लिए यूजीसी के दिशा-निर्देशों को लागू करना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन जानबूझकर इसका विरोध कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
वक्ताओं ने एसी, एसटी और ओबीसी समुदाय के लोगों से एकजुट होकर यूजीसी लागू कराने की मांग उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में ओबीसी को नामांकन में 1990 से और फैकल्टी भर्ती में 2010 से आरक्षण मिलने के बावजूद वंचित वर्गों की भागीदारी 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकी है, जो चिंताजनक है। साथ ही, पिछले पांच वर्षों में जातिगत भेदभाव की शिकायतों में 118 प्रतिशत की वृद्धि को भी गंभीर मुद्दा बताया गया।
सभा को पूर्व मंत्री रामचंद्र केशरी, रामभजन गुप्ता, मनोज ठाकुर, राजनाथ राम, किरण कुमारी, वरुण बिहारी यादव, छोटन सिंह, रविप्रकाश उर्फ बबलू, नईम खलीफा, जय प्रकाश यादव, रमेश राम सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एसी, एसटी और ओबीसी समुदाय के लोग उपस्थित थे। अध्यक्षता सीताराम जायसवाल ने की, जबकि संचालन सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने किया।
कार्यक्रम के अंत में एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित चार सूत्री मांगपत्र अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा। इसमें यूजीसी 2026 के प्रस्तावित दिशा-निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने, समानता व समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने, नियमों को सख्ती से लागू करने और दंड प्रावधानों को कठोर बनाने की मांग की गई, ताकि एसी, एसटी और ओबीसी समुदाय को शिक्षा में समान अवसर मिल सके।











