Location: सगमा
सगमा/धुरकी, प्रतिनिधि। धुरकी प्रखंड के राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, धुरकी में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के गठन को लेकर विवाद गहरा गया है। चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता, नियमों की अनदेखी और पक्षपात का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी अनुराग मिंज को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 30 जुलाई 2026 को हुए एसएमसी चुनाव में विभागीय नियमों का पालन नहीं किया गया। आवेदन में कहा गया है कि अभिभावकों को चुनाव की समुचित सूचना नहीं दी गई और मनमाने ढंग से समिति का गठन कर दिया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि एक ही परिवार के पांच सदस्यों को विद्यालय प्रबंधन समिति में शामिल कर लिया गया, जो एसएमसी गठन के नियमों और निष्पक्षता के विपरीत है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कई पात्र अभिभावकों को शामिल नहीं किया गया, जबकि कुछ लोगों को पक्षपातपूर्ण तरीके से लाभ पहुंचाया गया। इससे चुनाव की पारदर्शिता और वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने तथा यदि अनियमितता की पुष्टि हो तो एसएमसी चुनाव रद्द कर नियमानुसार पुनः चुनाव कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय में पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से प्रबंधन समिति का गठन होना चाहिए।
आवेदन देने वालों में शहादत अंसारी, एकरार अंसारी, राजेश कुमार, इबरार अंसारी, मकबूल अंसारी, वकील अंसारी, मोख्तार अंसारी, मनोज कुमार दास, महबूब अंसारी, अशोक भुइया, जितेंद्र भुइया, रीना देवी, कबीर अंसारी, शमसाद अंसारी, इरफान अंसारी, इंताज अंसारी, सविता देवी, तबस्सुम बीबी, चम्पा देवी, राजकलिया कुंवर और रामचंद्र कोरवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
डीईओ ने दिए जांच के संकेत
इस संबंध में पूछे जाने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अनुराग मिंज ने कहा कि यदि विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का चुनाव निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं कराया गया है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर चुनाव रद्द कर निष्पक्ष एवं नियमसंगत तरीके से पुनः चुनाव कराया जाएगा।











