यूजीसी के बाद अब घूसखोर पंडित पर बवाल, कौन है साजिश के पीछे, केंद्र सरकार फिर चुप

Location: रांची

रांची : यूजीसी के नए नियम को लेकर उठा विवाद अभी शांत नहीं हुआ है। इसी बीच एक और नया मामला सामने आ गया ‘घूसखोर पंडित’ का। घूसखोर पंडित का मामला भी गंभीर है। फिल्म के नाम पर यह घिनौना कृत है। सीधे-सीधे एक जाति और समाज पर हमला है।
   इस देश में ब्राह्मण समाज सर्वश्रेष्ठ है और इसकी अपनी इज्जत- प्रतिष्ठा है। देश के विकास में किसी समाज से कम योगदान ब्राह्मण समुदाय का नहीं है। फिल्मों में पहले क्षत्रिय समाज को निशाना बनाया जाता रहा है। इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाता रहा है। इसके कई उदाहरण हैं। कई आंदोलन भी हुए हैं।
लेकिन अब ब्राह्मणों को निशाना बनाया जा रहा है। आखिर क्यों। आजादी के 75 वर्षों बाद भी इस तरह के विवाद। इसके पीछे क्या साजिश है। कौन लोग हैं जो यह सब कर रहे हैं।
यूजीसी के मामले में जैसे केंद्र सरकार ने चुप्पी साथ ली थी इसी तरह अब घूसखोर पंडित के मामले में भी सरकार चुप है। फिल्म घूसखोर पंडित का विवाद भी बढ़ता चला जा रहा है। पूरे देश में इस फिल्म और नाम को लेकर विवाद और बवंडर खड़ा हो गया है। यूजीसी और घूसखो पंडित के बहान सवर्ण समा समाज समाज को निशाना बनाया जा रहा है।
  सरकार समाज को जातियों में बांटकर,  नफरत और विद्वेष पैदा कर  राजनीति करना चाहती है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का दावा खोखला साबित हो चुका है। समाज को आंदोलन के लिए मजबूर किया जा रहा है। फिल्म घूसखोर पंडित का मामला जैसे ही सामने आया सरकार ने संज्ञान नहीं लिया। यूजीसी के मामले में भी यही हुआ है। आखिर सेंसर बोर्ड क्या करता है। किस लिए बना है। ऐसी फिल्में कैसे बन जाती हैं। सबकुछ सुनियोजित तो नहीं है। घूसखोर पंडित के किरदार अधिकांश ब्राह्मण जाति से ही हैं। ये लोग क्या दिखाना चाहते हैं कि वह सेकुलर हैं। अपनी जाति को नंगा और अपमानित कर पैसा कमाना चाहते हैं। विवाद बढ़ेगा तो फिल्म का नाम चमकेगा। लोग सिनेमा देखने आएंगे। सिनेमा बनाने का उद्देश्य क्या सिर्फ पैसा ही रह गया है। कई सवाल हैं जिसका जवाब सरकार को देना चाहिए। घूसखोर पंडित का विवाद भी यूजीसी की तरह ही है।  लगता है देश में अब आग लगकर ही रहेगी। क्योंकि आग तो सरकार ही लगा रही है। यदि आग लग गई तो फिर बुझेगी नहीं। इसके परिणाम गंभीर होंगे। यूजीसी के मामले में केंद्र सरकार का चेहरा बेनकाब हो चुका है। नियत का पता चल गया है।

आपकी राय महत्वपूर्ण है!

इस समाचार पर आपकी क्या राय है? कृपया हमारे लेख को लाइक या डिसलाइक बटन से रेट करें और अपनी प्रतिक्रिया कमेंट सेक्शन में साझा करें। आपके विचार और सुझाव हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और हमें बेहतर सेवा देने में मदद करेंगे। धन्यवाद!

  • Sunil Singh

    Sunil Singh is Reporter at Aapki khabar from Ranchi, Jharkhand.

    News You may have Missed

    13 किमी पैदल चलकर महादलित बस्ती पहुंचे बीडीओ, वर्षों से बंद रास्ता खुलवाकर 40 भुइयां परिवारों को दिलाया आवागमन का अधिकार

    13 किमी पैदल चलकर महादलित बस्ती पहुंचे बीडीओ, वर्षों से बंद रास्ता खुलवाकर 40 भुइयां परिवारों को दिलाया आवागमन का अधिकार

    पलामू की तीन जर्जर सड़कों के निर्माण व चौड़ीकरण की मांग, सांसद वीडी राम ने प्रधान सचिव को लिखा पत्र

    पलामू की तीन जर्जर सड़कों के निर्माण व चौड़ीकरण की मांग, सांसद वीडी राम ने प्रधान सचिव को लिखा पत्र

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन से मिले अविनाश देव, महिला सशक्तीकरण व बाल विकास पर हुई चर्चा

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन से मिले अविनाश देव, महिला सशक्तीकरण व बाल विकास पर हुई चर्चा

    गढ़वा की नीलम केशरी ने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त कर बढ़ाया जिले का मान

    गढ़वा की नीलम केशरी ने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त कर बढ़ाया जिले का मान

    तलाकशुदा महिला ने मांगा रोजगार, मृत घोषित होने से राशन से वंचित विधवा ने लगाई न्याय की गुहार

    error: Content is protected !!