Location: Manjhiaon
मझिआंव : बरडीहा थाना क्षेत्र के आदर गांव में दलित परिवार को मिली भूदान की जमीन पर विपक्षियों द्वारा जबरन ट्रैक्टर से जुताई किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को हुई इस घटना के बाद अंचल पदाधिकारी राकेश सहाय ने थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
जांच के दौरान दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद सीओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र भेजकर उक्त भूमि पर धारा 144 लगाने की अनुशंसा की है। उन्होंने बताया कि विवादित जमीन पर दोनों पक्षों को फिलहाल खेत जोतने और भूमि पर जाने से रोक दिया गया है। अब इस विवाद का निपटारा अनुमंडल स्तर पर किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, यह जमीन आदर गांव निवासी शंभू रजवार के पूर्वजों को भूदान के रूप में मिली थी। शंभू रजवार के पास 2007 तक ऑफलाइन और 2021–22 तक की ऑनलाइन रसीद समेत भूदान से जुड़ी कागजात मौजूद हैं। वहीं, विपक्षी आसिफ अंसारी भी उसी जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इस जमीन विवाद को लेकर पिछले वर्ष 6 जून को हिंसक झड़प भी हुई थी, जिसमें शंभू रजवार की गर्भवती बहू सहित नौ लोगों की पिटाई की गई थी। महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को बुरी तरह घायल कर दिया गया था। झोपड़ी में आग लगाने का भी आरोप है। पीड़िता शांति देवी द्वारा एससी/एसटी एक्ट के तहत आसिफ अंसारी समेत 8 नामजद और 15–20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पीड़ित परिवार लगातार डर और दहशत में जीवन जी रहा है। उन्हें केस उठाने और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।















