Location: Garhwa
- भू-अर्जन के लंबित मामलों का शीघ्र करें निष्पादन : उपायुक्त
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को जिले में चल रही विभिन्न विकास एवं निर्माण परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अधिग्रहित भूमि, रैयतों को मुआवजा भुगतान और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई।
उपायुक्त ने लंबित मुआवजा राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि रैयतों को मुआवजा भुगतान में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि अधिकांश परियोजनाओं से संबंधित निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। कुछ परियोजनाओं में कार्य अभी प्रगति पर है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा। अधिग्रहित भूमि के एवज में रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया भी जारी है।
उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अंचल अधिकारियों को भू-अर्जन से संबंधित एलपीसी और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों के अभाव में भू-अर्जन कार्यों में विलंब नहीं होना चाहिए।
उन्होंने सभी लंबित मामलों को टॉप प्रायोरिटी में रखते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादित करने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, एनएचएआई के प्रतिनिधि सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। - मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर
गढ़वा। विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में अंतर-विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया एवं जापानीज इंसेफेलाइटिस जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. जे.एफ. कैनेडी ने की। उन्होंने कहा कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग का प्रयास पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
उन्होंने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की। साथ ही सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ के रूप में मनाकर कूलर, गमले, बर्तन सहित अन्य स्थानों पर जमा पानी को साफ करने की सलाह दी।
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. पुष्पा सहगल ने भी मच्छरों के प्रजनन स्थल को समाप्त करने पर जोर दिया। उन्होंने मानसून के दौरान जलजमाव वाले क्षेत्रों में लार्वा विनिष्टीकरण अभियान तेज करने की आवश्यकता बताई।
बैठक में लोगों को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने तथा बुखार आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी गई।
स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों के बीच मच्छरजनित बीमारियों से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी सहमति बनी। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता, समाज कल्याण, शिक्षा, सूचना एवं जनसंपर्क तथा स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे। - नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्ती, स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान
गढ़वा। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और नशे के बढ़ते प्रभाव पर रोक लगाने को लेकर गुरुवार को जिला स्तरीय नार्कोटिक्स समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने की।
बैठक में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने अफीम, गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के संभावित मार्गों को चिह्नित कर विशेष निगरानी और चेकिंग अभियान चलाने को कहा।
उपायुक्त ने पुलिस एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने नार्कोटिक्स समन्वय समिति की मासिक बैठक नियमित रूप से आयोजित कराने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिले के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में एंटी-ड्रग जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया। विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा ड्रग डी-एडिक्शन और पुनर्वास से संबंधित आवश्यक उपाय करने का निर्देश समाज कल्याण विभाग को दिया गया। स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग को मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चलाने को कहा गया।
उपायुक्त ने तीनों अनुमंडलों के एसडीओ एवं एसडीपीओ को अपनी अध्यक्षता में समन्वित कमेटी गठित कर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी ए.बी. अब्राहम, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे। - अवैध खनन पर प्रशासन सख्त, 15 अक्टूबर तक खनन कार्यों पर रोक
गढ़वा। जिले में अवैध खनन, परिवहन और खनिजों के भंडारण पर रोक लगाने को लेकर गुरुवार को जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने की। बैठक में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को जिले में अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि एनजीटी के निर्देश के तहत 15 अक्टूबर 2026 तक खनन कार्यों पर रोक है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त करने, प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नियमित रूप से संयुक्त छापामारी दल सक्रिय रहेंगे।
उपायुक्त ने अवैध खनन से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने आम लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों से अवैध बालू खनन एवं परिवहन की सूचना प्रशासन या नजदीकी थाना को देने की अपील की है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी एबिन बेनी अब्राहम, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, जिला परिवहन पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी कुमार मयंक भूषण, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। संबंधित एसडीओ, एसडीपीओ, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।











