Location: Manjhiaon
मंडल डैम पुनर्वास कार्यों को मिलेगी गति, डीपीआर का पुनः परीक्षण कर जल्द भेजने का निर्देश
गढ़वा। मंडल डैम परियोजना के तहत विस्थापित होने वाले परिवारों के पुनर्वास कार्यों को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में पुनर्वास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) की समीक्षा की गई।
बैठक में रंका अंचल के विश्रामपुर और रमकंडा अंचल के बलीगढ़ में प्रस्तावित पुनर्वास स्थलों पर विस्थापित परिवारों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास से संबंधित विभागीय प्रस्तावों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
लघु सिंचाई विभाग की ओर से सिंचाई व्यवस्था, चेक डैम और तालाब निर्माण, विद्युत विभाग द्वारा बिजली संरचना, भवन निर्माण विभाग द्वारा स्वास्थ्य उपकेंद्र और शहीद नीलांबर-पीतांबर पार्क, ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा सड़क निर्माण तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति से संबंधित डीपीआर की समीक्षा की गई।
इसके अलावा शिक्षा विभाग द्वारा उच्च विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय, पंचायती राज विभाग द्वारा सभा भवन, बाजार शेड एवं हाट-बाजार, कल्याण विभाग द्वारा धूमकुड़िया भवन, कब्रिस्तान, सरना, मसना, हड़गड़ी स्थल, पूजा स्थल एवं श्मशान घाट तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने प्रस्ताव एवं डीपीआर का पुनः सूक्ष्मता से परीक्षण करने और आवश्यक संशोधन के बाद जल्द विभागीय स्तर पर भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को पुनर्वास स्थलों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सभी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि पुनर्वास स्थलों पर विकास कार्य जल्द शुरू किए जा सकें।
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सोन-कनहर परियोजना में तेजी लाएं, दिसंबर 2026 तक शुभारंभ का लक्ष्य
गढ़वा। सोन-कनहर अंडरग्राउंड पाइपलाइन परियोजना के कार्यों में तेजी लाने को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों और एजेंसी को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है। शनिवार को उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति, लंबित कार्यों और निर्माण में आ रही बाधाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में L&T के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि परियोजना के तहत प्रस्तावित तीन पंप हाउस में से दो का निर्माण पूरा हो चुका है। तीसरा पंप हाउस कांडी अंचल के मौजा मझिगांवा में वन विभाग की भूमि पर बनाया जाना है। इसके लिए वन विभाग से आवश्यक अनुमति मिल चुकी है। उपायुक्त ने एजेंसी को तीसरे पंप हाउस का निर्माण शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया।
दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी ए.बी. अब्राहन ने बताया कि परियोजना के तहत जिन पेड़ों की कटाई की जानी है, उनका संयुक्त निरीक्षण कराया जा रहा है। निरीक्षण मंगलवार तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद राज्य स्तर पर गठित समिति से आवश्यक अनुमोदन लेने की कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने संयुक्त निरीक्षण जल्द पूरा कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि सोन-कनहर परियोजना क्षेत्र के विकास और आमजनों की सुविधा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सरकार की प्राथमिकता वाली परियोजना है। उन्होंने पंप हाउस, अंडरग्राउंड पाइपलाइन, NBPT, BPT समेत सभी शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने L&T के प्रतिनिधि को दिसंबर 2026 तक योजना के शुभारंभ का लक्ष्य रखते हुए सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। उपायुक्त ने नियमित मॉनिटरिंग और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि परियोजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











