कॉफ़ी विद एसडीएम” में रामलीला कलाकारों से हुआ आत्मीय संवाद

Location: Garhwa

विजयदशमी की पूर्व संध्या पर रामलीला कलाकारों को किया गया सम्मानित

गढ़वा। आज आयोजित “कॉफ़ी विद एसडीएम” कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने रामलीला कलाकारों एवं मंचीय लोक कलाकारों के साथ संवाद किया। इस दौरान न एसडीएम ने न केवल उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना, बल्कि इस विधा को आगे बढ़ाने के लिए सभी प्रकार के प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिया।
कार्यक्रम की मेजबानी करते हुए एसडीएम ने कहा कि –
“धीरे-धीरे रामलीला नाटक और अन्य परंपरागत कलाएँ जनजीवन से बाहर होती जा रही हैं। एक समय था जब गाँव-देहात से लेकर शहरों तक बड़े-बड़े स्तर पर रामलीला का आयोजन होता था। ये आयोजन केवल मनोरंजन का साधन नहीं थे, बल्कि समाज को नैतिक शिक्षा, धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक माहौल भी प्रदान करते थे।”

उन्होंने कलाकारों से आग्रह किया कि परंपरागत मंचीय कलाओं को आधुनिकीकरण कर पुनर्जीवित करने के लिए सामूहिक प्रयास करें। साथ ही यह भी कहा कि प्रशासन इनके संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए हर संभव सहयोग करेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि समय और संसाधनों की कमी के कारण रामलीला जैसी विधाओं का स्वरूप बदल रहा है। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि आने वाली पीढ़ी तक इन परंपराओं को पहुँचाने के लिए जागरूकता और आयोजन दोनों को बढ़ाया जाएगा।

रामलीला के आधुनिकीकरण की आवश्यकता
पंकज चौधरी, मृत्युंजय पांडेय, सुमित कुमार, भागीरथी विश्वकर्मा आदि ने बताया कि अभी भी हाथ में माइक लेकर उन्हें पाठ करना होता है, जबकि तकनीकी रूप से उपलब्ध आधुनिक संसाधनों जैसे कॉलर माइक कॉर्डलेस आदि का उपयोग लीला मंचन को और आसान बना सकता है, किंतु उनके पास संसाधनों की कमी है। इसी प्रकार मंच के पीछे लगने वाले पर्दों की जगह प्रकाश निर्मित बैकग्राउंड का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन उक्त साधन उनके बजट से बाहर है अगर गढ़वा में उन्हें प्रायोजक मिल जाए तो वे बेहतर कर सकते हैं।

लाभ के लिए नहीं, परंपरा निर्वाह के लिए करते हैं अभिनय
नवका भंडारिया नवयुवक ड्रामा पार्टी के लल्लू सिंह कहते हैं कि वे अपने 12-15 सदस्यों के साथ रामलीला और धार्मिक नाटकों का मंचन करते हैं, किंतु इससे और लोगों की न्यूनतम संसाधनों का भी खर्च नहीं निकल पाता है। कभी-कभी दूर-ड्रा से भी उनको रामलीला करने की बुकिंग मिलती है किंतु इसमें भी जो राशि मिलती है वह नाकाफी होती है। दरअसल उन लोगों का कहना है कि वे लाभ के लिए नहीं बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण और परंपराओं के निर्वाह के लिए रामलीला का मंचन करते हैं।

कई बार मनोबल गिरता है, किंतु फिर खड़े होते हैं
क्षेत्र भर के रामलीला कलाकारों ने बताया कि कई बार उन्हें उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी उन्हें हताशा भी होती है किंतु फिर आपस में चंदा जोड़कर या एक दूसरे को प्रेरित कर फिर खड़े होते हैं एक नई टीम के साथ और नए सिरे से संसाधनों को इकट्ठा कर राम की लीला का मंचन शुरू कर देते हैं। उन लोगों ने समाज के समृद्ध वर्गों से अपील की कि वे रामलीला कलाकारों के संरक्षण के लिए आगे आयें, कम से कम पर्दा, साज सज्, कास्ट्यूम आदि छोटे-मोटे संसाधनों को खरीदने में आर्थिक मदद करें।

नशाखोरी और अनुशासन हीनता बनती है बाधक
सुदामा की भूमिका निभाने वाले मुरलीधर पांडेय को लोग सुदामा के नाम से ही पुकारने लगे हैं। श्री पांडे कहते हैं कि पहली दिक्कत तो मोबाइल और इंटरनेट आने से हुई, लोग अब रामलीला में रुचि की बजाय इंटरनेट पर व्यस्त रहते हैं। दूसरी समस्या यह है कि जहां कहीं रामलीला होता है वहां शराबी और उद्दंड लोग आकर व्यवधान करते हैं, जिससे मंचन में बाधा होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासनिक सहयोग की जरूरत है।

मंचीय प्रतिभा को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी लोग कलाकारों को एसडीएम संजय कुमार तथा मानस मंडली के संयोजक द्वारिका पांडेय ने सभी को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।

सामाजिक कुरीतियों एवं पर्यावरण संरक्षण पर भी करें मंचन : एसडीएम
अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने सभी लोक कलाकारों से अपील की कि वे विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाने के लिए नाटक विधा का सहारा लें, साथ ही पर्यावरण संरक्षण जैसे समसामयिक मुद्दों पर भी नाटक नाटिकायें आयोजित करें। इन मामलों में उन्हें सरकारी मदद भी दी जा सकती है।

तीन पीढ़ियों से कर रहे हैं अभिनय
गोंदा के भीष्म देव प्रजापति कहते हैं कि उनके बाबा श्री भगवत प्रजापति रामलीला में अभिनय करते थे। उनके पिता भी रामलीला खेलते थे और अब वे तीसरी पीढ़ी हैं जो अनवरत रामलीला मंचन को आगे ले जाने में भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह नारद, ब्रह्मा, विश्वामित्र, सुग्रीव और अक्षय कुमार की भूमिका निभाते हैं।

अन्य सुझाव
रामलीला में हारमोनियम बजाने वाले सुखसागर प्रजापति, सभी प्रकार के राजा का रोल करने वाले योगेश्वर प्रजापति, कॉमेडीयन का रोल करने वाले जवाहर प्रजापति, बाल कलाकार की भूमिका निभाने वाले रवि भास्कर, राहुल कुमार, कोरियोग्राफर राहुल चंद्रा, नारद का रोल करने वाले हर्ष पांडेय, इंद्र का रोल करने वाले तुषार पांडेय, बाल कलाकार आर्यन गुप्ता, मोहित मिश्रा, हास्य कलाकार रणधीर पांडेय, अर्जुन का रोल करने वाले जयशंकर पांडेय, किसी भी प्रकार के साधु का रोल करने वाले मुकेश कुमार उर्फ पलामू, संवाद लेखक सुमंत कुमार पांडे, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य मदन कुमार पांडेय, सामाजिक मुद्दों पर नाटक करने वाले मुक्तेश्वर पांडेय आदि ने एसडीएम के समक्ष विभिन्न सुझाव रखे। जिन पर अमल करने हेतु एसडीएम ने भरोसा दिलाया।
सहभागिता
इस काफी संवाद कार्यक्रम में जय बजरंग रामलीला पार्टी बाना, नवयुवक रामलीला पार्टी नवका भंडरिया, ललित कला नाट्य अकादमी लगमा, युवा नाट्य विकास मंच मेराल, न्यू आजाद हिंद रामलीला पार्टी गोंदा आदि संगठनों के अलावा स्वतंत्र कलाकारों ने सहभागिता निभाई।

आपकी राय महत्वपूर्ण है!

इस समाचार पर आपकी क्या राय है? कृपया हमारे लेख को लाइक या डिसलाइक बटन से रेट करें और अपनी प्रतिक्रिया कमेंट सेक्शन में साझा करें। आपके विचार और सुझाव हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और हमें बेहतर सेवा देने में मदद करेंगे। धन्यवाद!

  • Pavan Kumar

    Location: Garhwa Pavan Kumar is reporter at आपकी खबर News from Garhwa

    📢 आवश्यकता है (WANTED)
    “आपकी खबर” न्यूज़ पोर्टल एवं YouTube चैनल, गढ़वा के लिए एक मल्टीमीडिया टेक्निकल जर्नलिस्ट की आवश्यकता है।
    योग्यता: ✅ वीडियो शूटिंग (मोबाइल/कैमरा) ✅ वीडियो एडिटिंग ✅ YouTube अपलोड एवं Thumbnail ✅ WordPress वेबसाइट अपडेट ✅ Facebook, Instagram, WhatsApp एवं सोशल मीडिया संचालन ✅ Live Streaming का सामान्य ज्ञान ✅ ईमानदार, मेहनती एवं सीखने की इच्छा रखने वाला
    कार्यस्थल: गढ़वा जिला मुख्यालय
    मानदेय: योग्यता एवं अनुभव के अनुसार।
    विशेष जानकारी / संपर्क: 📞 7739267362

    News You may have Missed

    गायत्री शक्तिपीठ में 40 दिवसीय सवा लाख गायत्री महामंत्र जाप अनुष्ठान शुरू

    गायत्री शक्तिपीठ में 40 दिवसीय सवा लाख गायत्री महामंत्र जाप अनुष्ठान शुरू

    करीब अंसारी के आरोपों पर जिला परिषद सदस्य संघ ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग

    करीब अंसारी के आरोपों पर जिला परिषद सदस्य संघ ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग

    बाबा विश्वकर्मा मंदिर निर्माण को लेकर विश्वकर्मा समाज की बैठक, ट्रस्ट गठन पर चर्चा

    बाबा विश्वकर्मा मंदिर निर्माण को लेकर विश्वकर्मा समाज की बैठक, ट्रस्ट गठन पर चर्चा

    राधाकृष्ण मंदिर में श्रीकृष्ण की षष्ठी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    राधाकृष्ण मंदिर में श्रीकृष्ण की षष्ठी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    श्रीकृष्ण की छठी उत्सव में गूंजे सोहर गीत, भक्तिमय हुआ गायत्री शक्तिपीठ

    श्रीकृष्ण की छठी उत्सव में गूंजे सोहर गीत, भक्तिमय हुआ गायत्री शक्तिपीठ

    विद्यालय में घुसकर महिला शिक्षिका से अभद्रता का आरोप, युवक गिरफ्तार

    error: Content is protected !!