Location: Garhwa
मझिआंव। प्रखंड क्षेत्र के नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 7 स्थित रैसुआ नव प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है। विद्यालय की दीवारों में कई स्थानों पर दरारें आ जाने से यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है। इसके बावजूद अब तक भवन की मरम्मत को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका निरमा कुमारी ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी पूर्व में ही लिखित रूप से बीआरसी कार्यालय को दी जा चुकी है तथा भवन की मरम्मत कराने की मांग भी की गई थी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के कनीय अभियंता द्वारा विद्यालय का निरीक्षण भी किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
विद्यालय में वर्तमान में 31 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। सभी बच्चे छोटे हैं और जर्जर भवन में पढ़ाई करने को विवश हैं। बताया जाता है कि विद्यालय के तीनों कमरों की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। भवन काफी पुराना होने के कारण इसके कभी भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है।
अभिभावकों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे अपने बच्चों को ऐसे जोखिमपूर्ण माहौल में पढ़ने नहीं भेजेंगे। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
विद्यालय में प्रधानाध्यापिका निरमा कुमारी एवं शिक्षक आनंद कुमार राम कार्यरत हैं। जर्जर भवन में पठन-पाठन संचालित होने से शिक्षक भी चिंतित हैं।
इस संबंध में बीपीओ संतोष कुमार दुबे ने कहा कि यदि विद्यालय भवन में ऐसी स्थिति है तो वे स्वयं स्थल का निरीक्षण करेंगे और इसकी रिपोर्ट तत्काल जिला स्तर पर भेजेंगे। उन्होंने कहा कि भवन में दरार होने की स्थिति में बच्चों को वहां पढ़ाना जोखिमपूर्ण है तथा छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।