Location: Meral
उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा : बीरेंद्र साव
मेराल। शुक्रवार को पूर्व के जिला परिषद् सदस्य वर्तमान में झामुमो पार्टी के गढ़वा जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र साव ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े नए कानून का स्वागत किया है। श्री साव ने कहा है कि यह कानून देश की उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नए कानून के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों को अकादमिक स्वायत्तता देने, गुणवत्ता आधारित मूल्यांकन को बढ़ावा देने तथा नवाचार और शोध को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है। इससे न केवल छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय विश्वविद्यालयों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।
यह कानून शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने में सहायक होगा। इससे शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों—तीनों को लाभ होगा और शिक्षा को रोजगारोन्मुख एवं कौशल-आधारित बनाने में मदद मिलेगी।
हम मानते हैं कि यूजीसी का यह नया कानून राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप है और इससे “ज्ञान आधारित भारत” के निर्माण को गति मिलेगी। सभी हितधारकों से अपेक्षा है कि वे सकारात्मक सहयोग के साथ इस पहल को सफल बनाने में योगदान दें।











