Location: Bhavnathpur
भवनाथपुर (प्रतिनिधि): भवनाथपुर प्रखंड में एक ओर जहां “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान के तहत मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन कर समाज में सेवा और मानवता का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर कैलान गांव में निर्माणाधीन पानी टंकी परिसर में कार्यरत सुरक्षा गार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा हो गया।
रक्तदान शिविर में 20 यूनिट रक्त संग्रह, कई लोग हुए प्रेरित
भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में रक्तदान अमृत महोत्सव के अंतर्गत मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 20 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सीएचसी प्रभारी डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. रंजन दास, बल्ड बैंक समन्वयक प्रदीप कुमार तथा प्रखंड लेखा प्रबंधक प्रदीप कुमार पाठक ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
इस अवसर पर डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय कार्य है, जो दूसरों के जीवन को बचाने के साथ-साथ रक्तदाता को भी स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। उन्होंने नियमित रक्तदान के फायदों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
रक्तदान करने वालों में प्लस-टू हाई स्कूल के प्राचार्य दिलीप कुमार उपाध्याय, चिकित्सक सूर्यकांत राज, सीआईएसएफ जवान सेंथिल कुमार एम, पालका बसु, तरुण राणा, सीएचओ महावीर बारु पाल, डॉ. शंकर, जितेंद्र कुमार वर्मा, एलटी रागिनी कुमारी, फार्मासिस्ट तमन्ना गुप्ता, दिलीप कुमार, अमोद बैठा, विपिन शर्मा, पत्रकार दयाशंकर पाठक और झामुमो नेता दीपक वर्मा सहित कई लोग शामिल रहे।
मौके पर आयुष डॉक्टर अभिनीत विश्वास, अनुप कुमार, रूपदेव सिंह, प्रदीप पासवान, बबलू पांडेय, एनएम संगीता कुमारी, कंचन कुमारी, सुनील पटेल, गुप्तेश्वर प्रसाद, वीरेंद्र मिश्रा सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
निर्माण स्थल पर सुरक्षा गार्ड की मौत, परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर किया हंगामा
वहीं दूसरी ओर, भवनाथपुर थाना क्षेत्र के कैलान गांव में एलएंडटी कंपनी द्वारा निर्माणाधीन पानी टंकी में तैनात सुरक्षा गार्ड अनिल उपाध्याय (उम्र 50 वर्ष) की मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वे कांडी थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव चेचरिया के निवासी थे और लंबे समय से उक्त टंकी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे।
घटना के बाद उन्हें अनिल यादव द्वारा टेंपो से सीएचसी भवनाथपुर लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मामले की जानकारी पर थाना प्रभारी रजनी रंजन, एसआई परवेज आलम, एएसआई आशुतोष सिन्हा तथा अन्य पुलिस बल अस्पताल पहुंचे और अन्य गार्डों से पूछताछ की।
गार्डों ने बताया कि ड्यूटी खत्म होने के बाद अनिल उपाध्याय अपने किराए के कमरे पर गए थे, जहां स्नान के दौरान अचेत होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों और टेंपो चालक की मदद से उन्हें अस्पताल लाया गया।
कंपनी पदाधिकारी के खिलाफ परिजनों का आक्रोश
मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंचे और एलएंडटी कंपनी के पदाधिकारियों पर समय पर इलाज न कराने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेजने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक कंपनी के अधिकारी लिखित मुआवजा आश्वासन नहीं देंगे, तब तक शव नहीं ले जाया जाएगा।
थाना प्रभारी ने कंपनी अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर उन्हें थाने पर वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।











