Location: भंडरिया
बड़गड़। झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, बड़गड़ शाखा में पेंशन नहीं मिलने के कारण इलाज बाधित होने और उसके बाद वृद्ध रतन लकड़ा (75) की मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। सोमवार को शव रखकर हुए धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है। मामले की जांच के लिए रंका के अनुमंडल पदाधिकारी बड़गड़ पहुंचे और बैंक शाखा में पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एसडीओ के बैंक पहुंचते ही बैंक कर्मियों के बीच हड़कंप की स्थिति रही।
अनुमंडल पदाधिकारी ने बैंक प्रबंधन, संबंधित कर्मियों, परिजनों तथा स्थानीय लोगों से अलग-अलग जानकारी ली। उन्होंने केवाईसी अपडेट, पेंशन भुगतान में हुई देरी और बैंक की कार्यप्रणाली से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। अधिकारियों ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही।
गौरतलब है कि महुआटीकर गांव निवासी रतन लकड़ा पिछले तीन माह से केवाईसी अपडेट के नाम पर पेंशन के लिए बैंक का चक्कर लगा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि पेंशन की राशि नहीं मिलने से उनका समुचित इलाज नहीं हो सका, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके विरोध में ग्रामीणों ने सोमवार को शव को बैंक के मुख्य गेट पर रखकर करीब दो घंटे तक धरना दिया था तथा शाखा प्रबंधक और बैंक के मैसेंजर पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की थी।
धरना के दौरान पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बैंक के रीजनल मैनेजर ने जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था।
अब मुख्यमंत्री स्तर पर मामले के संज्ञान में आने और प्रशासनिक जांच शुरू होने से पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। क्षेत्र के लोगों की नजर अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।











