Location: Garhwa
गढ़वा। समाहरणालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में मानदेय भुगतान, पेंशन, जमीन धोखाधड़ी और भूमि सीमांकन से जुड़े कई मामले सामने आए। उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने शिकायतें सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को जांच कर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।
जनसुनवाई में धुरकी प्रखंड के शिवरी गांव की सुजंती देवी ने बताया कि वर्ष 2024 से राजकीय प्राथमिक विद्यालय में रसोइया के रूप में कार्यरत होने के बावजूद उन्हें 15 माह से मानदेय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका मानदेय पूर्व में कार्यरत रसोइया के खाते में भेजा जाता रहा। उपायुक्त ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
रंका अंचल कार्यालय में सफाई कर्मी रहे विकास कुमार चंद्रवंशी ने अगस्त 2018 से जनवरी 2019 तक के बकाया पारिश्रमिक के भुगतान की मांग की। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी जनसुनवाई में आवेदन देने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है।
रमना प्रखंड के कर्णपुरा की प्रभावती देवी ने शिकायत की कि उनका पीएम किसान सम्मान निधि का भुगतान पिछले कुछ महीनों से बंद है। उन्होंने योजना से पुनः जोड़ने की मांग की।
भवनाथपुर प्रखंड के मकरी गांव की सुनीता देवी ने जमीन खरीद में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी राशि देने के बावजूद अब तक रजिस्ट्री नहीं हुई। उन्होंने विक्रेता, अपने रिश्तेदार और एक हल्का कर्मचारी की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की।
सदर प्रखंड के पोटमा निवासी कुलदीप तिवारी ने ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा करने के बावजूद भूमि सीमांकन नहीं होने की शिकायत की। उपायुक्त ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।











