Location: Garhwa
गढ़वा। झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ की जिला इकाई गढ़वा की बैठक गोविंद प्लस टू उच्च विद्यालय में आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए कई प्रस्ताव पारित किए गए। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा को मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई। डीईओ ने सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए संघ के प्रमंडलीय अध्यक्ष विश्व विजय सिंह ने कहा कि शिक्षकों को केवल अपने अधिकारों की बात नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपने कर्तव्यों को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने की पाठशाला है। किसी भी शैक्षणिक व्यवस्था की मजबूती शिक्षकों के सम्मान और प्रशासनिक पारदर्शिता पर निर्भर करती है।
बैठक में दो वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके पीजीटी शिक्षकों एवं प्रयोगशाला सहायकों की सेवा संपुष्टि के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई। शिक्षकों ने समय पर वेतन नहीं मिलने से होने वाली परेशानियों की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया। कहा गया कि वेतन भुगतान में देरी से शिक्षकों को आर्थिक परेशानी के साथ-साथ जीपीएफ में मिलने वाले ब्याज का भी नुकसान होता है। डीडीओ स्तर से समय पर क्वार्टरली रिपोर्ट जमा नहीं किए जाने के कारण शिक्षकों पर लगने वाले अनावश्यक आर्थिक दंड एवं अधिभार का स्थायी समाधान करने की मांग की गई।
संघ ने एक ही स्थान पर लंबे समय से प्रतिनियुक्त कर्मियों को अविलंब उनके मूल कार्यालय में योगदान कराने की मांग भी डीईओ से की। वहीं, कांडी में प्रतिनियुक्त प्रभारी प्रधानाध्यापक शिक्षक मलय कुमार सिंह पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। संघ ने कहा कि मामले की जांच नीर-क्षीर विवेक के साथ होनी चाहिए।
छात्र हित को ध्यान में रखते हुए पाठ्यपुस्तकों को सीधे विद्यालयों तक पहुंचाने की मांग की गई, ताकि अनावश्यक विलंब और शिक्षकों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके।
बैठक में संघ को मजबूत एवं विस्तारित करने पर भी चर्चा हुई। प्रत्येक अनुमंडल को सशक्त करते हुए अनुमंडल स्तर पर अध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही जिले में कार्यरत नए पीजीटी शिक्षकों के बीच सदस्यता अभियान चलाकर उन्हें संघ से जोड़ने और इसके बाद संघ का पुनर्गठन करने पर सहमति बनी।
संघ के जिला अध्यक्ष सीएम पांडेय ने कहा कि शिक्षक संघ केवल संघर्ष का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक सुधार का माध्यम भी है।
बैठक में जिले के विभिन्न विद्यालयों से शिक्षक शामिल हुए। इनमें रविशंकर ओझा, रमाशंकर देव, श्रीकृष्ण तिवारी, अमिताभ पांडेय, विवेक कुमार सिंह, अतुल कुमार यादव, सपन कुमार, दिनेश कुमार सिंह, प्रताप मिंज, स्मित अग्रहरि, मलय कुमार सिंह, ओमप्रकाश, प्रवीण कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद थे। बैठक का संचालन जिला सचिव रामप्रसाद पाठक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रविशंकर ओझा ने किया।