Location: Garhwa
गढ़वा। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि एवं गढ़वा के वरीय उपाध्यक्ष अभिजीत कमल ने केंद्र सरकार से विदेश नीति, चीन सीमा विवाद, महंगाई, बेरोजगारी, लोकतंत्र और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही की मांग की है। शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि देश का नागरिक आज अपने ही देश में महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाश रहा है। सरकार दावा करती है कि सब कुछ ठीक है, लेकिन आम जनता की वास्तविक समस्याएं कुछ और तस्वीर पेश करती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार विदेश यात्राएं करते हैं और भारत की वैश्विक भूमिका की चर्चा करते हैं, लेकिन सरकार यह स्पष्ट करे कि इन यात्राओं से देश और आम नागरिकों को क्या ठोस लाभ मिला। साथ ही यह भी बताया जाए कि हर परिस्थिति में भारत के राष्ट्रीय हितों को किस प्रकार सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
अभिजीत कमल ने चीन से जुड़े सीमा विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि समय-समय पर सीमा पर चीन की गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आती रही हैं। सरकार संसद और देश के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे तथा बताए कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी आज देश की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल हैं। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और आम परिवार लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। सरकार को इन मुद्दों पर जवाबदेही तय करनी चाहिए।
राम मंदिर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम देश की आस्था, मर्यादा और सत्य के प्रतीक हैं। यदि राम मंदिर अथवा उससे जुड़े किसी आर्थिक या प्रशासनिक विषय पर जनता के मन में कोई प्रश्न हैं, तो सरकार और संबंधित संस्थाओं को कानून के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता बरतनी चाहिए। उनका कहना था कि आस्था के साथ जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक और विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है। सरकार से सवाल पूछने वालों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
अभिजीत कमल ने केंद्र सरकार से महंगाई कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने, युवाओं के लिए समयबद्ध भर्ती कैलेंडर जारी करने, चीन से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने, विदेश नीति के प्रमुख निर्णयों एवं उपलब्धियों पर श्वेत पत्र जारी करने, धार्मिक एवं सार्वजनिक ट्रस्टों के वित्तीय मामलों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से कार्य करने देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि उनकी मांग सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की है। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है।










