गढ़वा। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जनसुनवाई कर आमजनों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, रोजगार, बकाया मजदूरी समेत विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। उपायुक्त ने सभी मामलों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
जनसुनवाई में मेराल प्रखंड के गोंदा निवासी कमलेश कुमार ने चामा स्थित खतुना इंडियन ग्रामीण वितरण गैस एजेंसी पर धोखाधड़ी और कथित रूप से ₹10 हजार की मांग किए जाने की शिकायत की। कमलेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी आशा देवी के नाम से गैस कनेक्शन स्वीकृत होने के बावजूद एजेंसी द्वारा काफी समय से उन्हें परेशान किया जा रहा है। आरोप है कि गैस कनेक्शन जारी रखने के लिए ₹10 हजार की मांग की जा रही है और राशि नहीं देने पर उपभोक्ता का नाम हटाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने मामले की जांच कर गैस एजेंसी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।
वहीं सदर प्रखंड के अन्नराज नावाडीह निवासी सविता देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि परिवार के नौ सदस्यों के साथ वह क्षतिग्रस्त कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। कई बार प्रखंड कार्यालय एवं जनप्रतिनिधियों से संपर्क करने के बावजूद आवास की स्वीकृति नहीं मिली है।
खरौंधी प्रखंड के सिसरी निवासी फेकनी देवी ने भी सरकारी आवास की मांग की। उन्होंने खुद को गरीब, बेरोजगार एवं बेसहारा बताते हुए कहा कि पक्का मकान नहीं होने के कारण बच्चों के साथ परेशानी में जीवन गुजार रही हैं।
धुरकी प्रखंड के रक्सी निवासी सबरा बानो ने आंगनबाड़ी सेविका के चयन में दिव्यांग आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि वह 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं। उन्होंने दिव्यांगता प्रमाण पत्र और पात्रता की जांच कर नियमानुसार आरक्षण का लाभ देने का आग्रह किया।
भंडरिया की सावित्री देवी ने एकलव्य विद्यालय भंडरिया में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के चयन को लेकर शिकायत की। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा द्वारा वर्ष 2025 में ही स्थानीय ग्रामीणों के बीच से कर्मचारी के चयन को लेकर प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त कार्यालय को अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चयन प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।












