Location: कांडी
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने शनिवार को कांडी प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी सहित विभिन्न वार्डों का भ्रमण किया तथा मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
उपायुक्त ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोविंद प्रसाद सेठ को अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने उपस्थिति पंजी, स्टॉक रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों की जांच की। इस क्रम में कुछ चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने तथा आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ड्यूटी रोस्टर के अनुसार कार्य नहीं करने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। इस पर उपायुक्त ने सहिया एवं फील्ड वर्करों के माध्यम से प्रखंड की सभी पंचायतों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराने के जोखिम के प्रति भी जागरूक किया जाए।
इसके बाद उपायुक्त ने हाल में चिकित्सीय लापरवाही के आरोप से जुड़े मृत्यु के मामले में मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार सहाय ने जिला प्रशासन की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की।
उपायुक्त ने संबंधित थाना प्रभारी को प्राथमिकी के आलोक में दवा दुकान संचालक एवं चिकित्सक के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा गिरफ्तारी की दिशा में त्वरित कदम उठाने का निर्देश दिया।
उन्होंने संबंधित दवा दुकान का भी निरीक्षण किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक दुकान बंद रखने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि इस अवधि में किसी प्रकार की दवा बिक्री, चिकित्सकीय परामर्श अथवा उपचार कार्य नहीं किया जाए। आदेश की अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना प्रशासन की प्राथमिकता है और चिकित्सा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी जारी रहेगी।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।